सहारनपुर, बड़गांव। सरकार ग्रामीण इलाकों में घूम रहे छुट्टा गोवंशीय पशुओं को गोआश्रय स्थल पहुंचा कर उनके चारे पानी की भरपूर व्यवस्था करने का दावा भले ही कर रही है, लेकिन इन स्थलों पर न तो उनके लिए चारे और पानी की पर्याप्त व्यवस्था है और न ही कड़ाके की ठंड से बचाव के लिए कोई उचित साधन। शब्बीरपुर गोशाला में पिछले दस दिनों में तीन गाेवंश की मौत हो चुकी है। नानौता विकासखंड के शब्बीरपुर में अस्थायी गोशाला है। इसकी क्षमता 150 है जिसमें 147 गोवंश हैं। इनकी देखभाल एवं चारे पानी की व्यवस्था तीन कर्मचारियों पर है। यहां हालात ऐसे हैं कि गोवंश भूख और कमजोरी के कारण ठंड में नीचे फर्श पर पड़े दम तोड़ रहे हैं। पशुधन प्रसार अधिकारी जनेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि बीमार होने के कारण दस दिन में तीन बछड़ों की मौत हो चुकी है। अभी एक बीमार बछड़े का सर्दी लगने के कारण उपचार किया जा रहा है।
ग्राम पंचायत सचिव रजनीश मलिक ने बताया कि गोआश्रय स्थल में सभी गोवंशों को भूसा व हरा चारा खिलाया जा रहा है। संबंधित अधिकारियों ने उन्हें मौके पर पहुंचकर सर्दी में बचाव के लिए गुड़ चोकर एवं हरे चारे की हर संभव उपलब्धता कराने के निर्देश दिए हैं।