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Saharanpur News: शादी की शान से फिटनेस की पहचान बनी साइकिल

Wed, 03 Jun 2026 01:16 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
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सहारनपुर। कभी शादी-ब्याह में मिलने वाली साइकिल घर की जरूरत, प्रतिष्ठा और शान का प्रतीक हुआ करती थी। समय के साथ समाज की जरूरतें बदलीं, साधनों का स्वरूप बदला और जीवनशैली आधुनिक हुई, लेकिन साइकिल ने खुद को नए दौर के अनुसार ढाल लिया। आज यह केवल एक परिवहन साधन नहीं, बल्कि फिटनेस, पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली की पहचान बन चुकी है। विश्व साइकिल दिवस पर बुजुर्गों की यादें और युवाओं का उत्साह इस बदलाव की रोचक कहानी बयां करते हैं।
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एक समय ऐसा था जब गांवों में साइकिल होना संपन्नता और सम्मान का प्रतीक माना जाता था। शादी में दहेज के रूप में साइकिल मिलना बड़े गर्व की बात होती थी। गांव शब्बीरपुर निवासी धीर सिंह बताते हैं कि उनकी शादी वर्ष 1982 में हुई थी। उस समय साइकिल एक बेहद महत्वपूर्ण और उपयोगी उपहार मानी जाती थी। नई साइकिल देखने के लिए दूर-दूर से लोग उनके घर आते थे। उन्होंने बताया कि साइकिल तो अब नहीं रही, लेकिन उसकी खरीद की रसीद आज भी संभाल कर रखी है।
इसी तरह गांव मुस्तफापुर निवासी रामेश्वर दयाल बताते हैं कि वर्ष 1972 में उनकी शादी में मिली साइकिल आज भी उनके पास सुरक्षित है। वह कहते हैं कि उस दौर में साइकिल का जो आकर्षण था, वैसा आज महंगी से महंगी कारों में भी देखने को नहीं मिलता। आसपास के गांवों से लोग सिर्फ साइकिल देखने पहुंच जाते थे। भले ही आज तेज रफ्तार वाहनों का दौर हो, लेकिन साइकिल की उपयोगिता और महत्व कभी कम नहीं हुआ।
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- नई पीढ़ी के लिए बदल चुका है अर्थ
चंद्र नगर निवासी शौर्य कुमार बताते हैं कि वह फुटबॉल खिलाड़ी हैं और अपनी फिटनेस बनाए रखने के लिए नियमित रूप से साइकिलिंग करते हैं। उनके साथ कई युवा साथी भी साइकिलिंग ग्रुप से जुड़े हुए हैं।
डिस्ट्रिक्ट साइकिलिंग एसोसिएशन के चेयरमैन संजय कुमार बताते हैं कि साइकिलिंग बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में एक प्रभावी कदम है। उनके अनुसार साइकिलिंग कम खर्चीला, पर्यावरण अनुकूल और हर आयु वर्ग के लिए उपयुक्त व्यायाम है। एसोसिएशन के सदस्य नियमित रूप से समूह में साइकिलिंग करते हैं और समय-समय पर प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जाता है।

बढ़ गई स्पोर्ट्स साइकिल की मांग
साइकिल विक्रेता राजन ठकराल के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में फिटनेस और स्पोर्ट्स साइकिलों की मांग में वृद्धि हुई है। पहले लोग रोजमर्रा की जरूरतों के लिए साइकिल खरीदते थे, जबकि अब स्वास्थ्य, एडवेंचर और शौक के लिए महंगी स्पोर्ट्स साइकिलें खरीद रहे हैं। बाजार में गियर वाली और हाई-परफॉर्मेंस साइकिलें 10 हजार रुपये से लेकर 40 हजार रुपये या उससे अधिक कीमत तक उपलब्ध हैं।

- हृदय और फेफड़ों को बनाती है मजबूत, कम होता है वजन
फिजीशियन डॉ. संजीव मिगलानी बताते हैं कि नियमित साइकिलिंग हृदय और फेफड़ों को मजबूत बनाती है, वजन नियंत्रित रखने में मदद करती है और मानसिक तनाव को कम करती है। यह जोड़ों पर कम दबाव डालने वाला व्यायाम है, जिससे पैरों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। प्रतिदिन 30 से 40 मिनट साइकिल चलाने से अतिरिक्त कैलोरी बर्न होती है, रक्त संचार बेहतर होता है और हृदय रोगों का खतरा कम हो सकता है।
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