सहारनपुर। अयोध्या में पांच अगस्त को भगवान श्रीराम के मंदिर निर्माण का श्रीगणेश होगा। राम मंदिर आंदोलन में सहारनपुर जिले का भी बड़ा योगदान रहा है। जगह-जगह सभाएं होती थीं, राम नाम का लोगों में जबरदस्त उत्साह था और रथयात्रा तक निकाली गई थी। पूजन के उपरांत हजारों ईंटें अयोध्या भेजी गईं थीं।
सहारनपुर में राम मंदिर आंदोलन को लेकर 1984 से लेकर 1992 तक रोजाना गली-मोहल्लों, गांव और कस्बों में बैठक होती थी। कई बार एक दिन में 200 तक सभाएं भी र्हुइं। वरिष्ठ भाजपा नेता राजेंद्र अटल बताते हैं कि श्रीराम ज्योति रथ यात्रा निकाली गई थी, जिसके संयोजक हरिद्वार के महंत जगदीश मुनि को बनाया गया था। इनके अलावा रथयात्रा का नेतृत्व विहिप के वरिष्ठ पदाधिकारी चंपत राय कर रहे थे। वह इस यात्रा के जिला संयोजक रहे।
राम मंदिर आंदोलन के महानगर संयोजक रहे पूर्व विधायक लाजकृष्ण गांधी बताते हैं कि विहिप, बजरंग दल, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सहित प्रत्येक हिंदू संगठन एवं समाज के लोग आंदोलन से जुड़े थे। पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी भी कई बार सहारनपुर आए। जिलेभर के विभिन्न मंदिरों से पूजा-अर्चना के बाद हजारों ईंटें अयोध्या भेजी जाती थीं। एक रथयात्रा लालकृष्ण आडवाणी निकाल रहे थे तो, दूसरी यात्रा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चल रही थी। इसी तरह यात्रा और आंदोलन में पुरानी मंडी निवासी महंत सुंदरदास रामायणी, गुरुद्वारा रोड निवासी पंडित गोविंद वशिष्ठ, दीनानाथ शर्मा, सुरेंद्र शर्मा, पन्ना लाल शर्मा, मदन लाल गुप्ता सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और महिलाएं शामिल रहीं। एक सितंबर 1990 में रथयात्रा सहारनपुर आई थी।
मंदिर में हुआ था शिलापूजन
अंबेहटा। विहिप के सक्रिय कार्यकर्ता रहे विनोद कुमार मित्तल ने बताया कि राम मंदिर आंदोलन के दौरान अंबेहटा कस्बे में रथयात्रा पहुंची थी, जिसका नेतृत्व भाजपा के दिवंगत सांसद चौधरी नकली सिंह कर रहे थे। राम मंदिर निर्माण हेतु रामपुर रोड स्थित मंदिर में शिला पूजन हुआ था। शिलाओं को विहिप नेता अयोध्या लेकर गए थे। आंदोलन में सुरेश चंद्र आर्य, पवन सैनी, संजय आर्य, मनोज गुप्ता, संदीप आर्य, विनोद आर्य, सुबोध कुमार सिंघल, कुलदीप मित्तल सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे।
विहिप अध्यक्ष सिंघल ने देवबंद में की थी धर्मसभा
देवबंद। राम मंदिर आंदोलन के दौरान विहिप के अध्यक्ष अशोक सिंघल ने देवबंद स्थित मंगलौर बस स्टैंड पर सभा को संबोधित किया था। पूर्व सभासद एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता विजेंद्र वर्मा का कहना है कि अशोक सिंघल धर्मसभा के बाद श्री राधा वल्लभ मंदिर में दर्शन करने भी गए थे। नगर में राम ज्योति यात्रा, मशाल जुलूस और झंडा लगाने के कार्यक्रम हुए थे। कई बार तनाव का भी वातावरण बन गया था। उन समेत भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे स्वर्गीय राजकुमार त्यागी, मुकेश जैन, महेंद्रपाल कांबोज का पुलिस से टकराव हुआ। भाजपा सहित संघ परिवार के अनेक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया था। पुलिस के बड़े अधिकारियों ने उनके कायस्थवाड़ा शिव चौक स्थित आवास पर छापा मारा, लेकिन तब तक वह अपने साथियों के साथ निकल चुके थे। क्योंकि उनका जिम्मा कारसेवकों को अयोध्या भेजने का था। इसी दौरान उनकी कई बार दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से भी मुलाकात हुई थी। इसी सिलसिले में साध्वी ऋतंभरा का अति गोपनीय कार्यक्रम देवबंद में आया, जो शिव चौक पर रखा गया। इस कार्यक्रम में रामभक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा था।
राम मंदिर निर्माण: पूजन करते हिंदू संगठनों से जुड़े लोग। फाइल फोटो- फोटो : SAHARANPUR
राम मंदिर निर्माण: पूर्व विधायक लाजकृष्ण गांधी।- फोटो : SAHARANPUR
राम मंदिर निर्माण: सहारनपुर में हुए कार्यक्रम के दौरान मंच पर मौजूद पूर्व उपप्रधानमंत्री लाल कृ- फोटो : SAHARANPUR
देवबंद में धर्म सभा के बाद श्री राधा वल्लभ मंदिर के दर्शन करने जाते विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक?- फोटो : SAHARANPUR