सहारनपुर। जुमे की नमाज के बाद महानगर में निकाले गए जुलूस में कुछ युवक नीली टोपी पहने और काले झंडे लिए हुए थे। ये युवक काफी उग्र हो रहे थे। इन युवकों के हाथ में कुछ पर्चे भी थे। बवाल के बाद ये युवक पुलिस प्रशासन के टारगेट पर हैं। पुलिस वीडियो और सीसीटीवी फुटेज के जरिए इन्हें तलाश रही है। वहां यह भी चर्चा है कि जुुलूस में कुछ बाहरी युवक भी शामिल थे, जिन्होंने बवाल के लिए भीड़ को उकसाया था। जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने बताया कि नीली टोपी वाले युवकों के भीड़ में शामिल होने की बात संज्ञान में आई है। जिनकी पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। इन सभी को गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि यह भी जांच की जा रही है कि पर्दे के पीछे से किसने भीड़ को उकसाया था। उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने बताया कि इस बवाल में जिस भी नेता या अन्य की संलिप्तता पाई जाएगी वह बचेगा नहीं, निश्चित कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
एआईएमआईएम के कार्यकर्ता भी निशाने पर
सहारनपुर। बवाल की घटना को लेकर असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के कार्यकर्ता भी जांच में पुलिस प्रशासन के निशाने पर हैं। उनकी भी पुलिस जांच पड़ताल कर रही है। जिलाधिकारी ने बताया कि ओवैसी की पार्टी के कार्यकर्ताओं की भी जांच की जा रही है। संलिप्तता पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
उपद्रवियों के घरों पर बुलडोजर चलता रहेगा
सहारनपुर। जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने बताया कि कानून के दायरे में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आज दो उपद्रवियों के घरों पर बुलडोजर चला है। बाकी उपद्रवियों के यहां भी यदि अवैध निर्माण पाया जाता है तो बुलडोजर फिर से चलेगा। बुलडोजर चलने की कार्रवाई जारी रहेगी।