संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट में 500 के नकली नोट पाए जाने के बाद असली और नकली नोट की पहचान को जानना आवश्यक है। केंद्रीय बैंक द्वारा इसके संबंध में समय-समय पर दिशा निर्देश और पहचान संबंधी गाइडलाइन भी जारी की जाती है।
500 रुपये के असली नोट की पहचान उसके आकार, रंग और कई सुरक्षा विशेषताओं से की जा सकती है। आरबीआई की वेबसाइट पर जारी जानकारी के मुताबिक 500 रुपये के नोट का आकार 63×150 मिलीमीटर है और इसका रंग स्टोन ग्रे है। नोट के आगे के हिस्से के मध्य में महात्मा गांधी का चित्र है, जबकि पीछे लाल किले की तस्वीर दी गई है। लाल किले पर बना तिरंगा अपने वास्तविक रंगों में दिखाई देता है। नोट पर मूल्यवर्ग को देवनागरी और अंग्रेजी दोनों में दर्शाया गया है। वहीं नोट को रोशनी के सामने रखने पर निर्धारित स्थानों पर 500 अंक दिखाई देते हैं। नोट को आंखों के सामने करीब 45 डिग्री के कोण पर रखने पर भी कुछ सुरक्षा चिह्न नजर आते हैं।
नोट को हल्का मोड़ने पर सुरक्षा धागे का रंग हरे से नीला होता दिखाई देता है। यह असली नोट की प्रमुख सुरक्षा विशेषताओं में से एक है। नोट पर 500 रुपये का इलेक्ट्रोटाइप वॉटरमार्क, छपाई का वर्ष, स्वच्छ भारत का लोगो और स्लोगन भी अंकित होता है। नोट के मध्य की ओर भाषा पैनल दिया गया है। पीछे की तरफ भारतीय ध्वज के साथ लाल किले की तस्वीर और देवनागरी में 500 रुपये अंकित है। इनमें से प्रमुख सुरक्षा विशेषताएं न होने पर नोट संदिग्ध हो सकता है।
दृष्टिबाधित लोगों की सुविधा के लिए नोट पर उभरी हुई विशेष पहचान भी दी गई है। अशोक स्तंभ का प्रतीक, महात्मा गांधी का चित्र, ब्लीड लाइन और पहचान चिह्न खुरदरे रूप में मुद्रित किए गए हैं। इन्हें छूकर दृष्टिबाधित व्यक्ति नोट की पहचान कर सकते हैं।