सहारनपुर। नकली सिक्के बनाकर बाजार में खपाने वाला गिरोह युवाओं को कमीशन का लालच देकर अपने साथ जोड़ता था। इसके बाद उन्हें नकली सिक्कों की सप्लाई और बाजार में खपाने के काम में लगाया जाता था। पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार समेत कई राज्यों में अपना नेटवर्क मजबूत कर रहे थे।
पुलिस के मुताबिक, गिरोह द्वारा तैयार किए गए नकली सिक्कों को अलग-अलग राज्यों में भेजकर बाजार में चलाया जाता था। गिरोह का नेटवर्क बढ़ाने के लिए युवाओं को कमीशन का लालच दिया जाता था। उन्हें नकली सिक्के उपलब्ध कराकर बाजार में चलाने का काम सौंपा जाता था। इसके बदले उन्हें चार हजार रुपये के सिक्के बाजार में चलाने पर 400 रुपये का कमीशन मिलता था। इस तरह गिरोह में नए सदस्य जुड़ते गए और नकली सिक्कों की सप्लाई का दायरा बढ़ता गया। इस गिरोह में ज्यादातर 30 से 40 साल की उम्र वाले शामिल हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह से कितने युवा जुड़े थे और उन्हें किस तरह नकली सिक्के उपलब्ध कराए जाते थे।