सहारनपुर। जिले में मनरेगा के तहत हुए विकास कार्यों का सोशल ऑडिट होगा। इसके लिए आठ टीमों का गठन कर लिया गया है, जिनको विशेष प्रशिक्षण देकर ऑडिट के बिंदुओं के बारे में बताया गया है। यह टीमें नौ जून से जनपद में सोशल ऑडिट करेंगी।
कोरोना काल के बीच ग्रामीण क्षेत्रों श्रमिकों को मनरेगा के तहत दिए गए रोजगार और कराए गए विकास कार्यों की जांच जिला विकास विभाग की देखरेख में होगी। ग्रामीण क्षेत्रों के स्नातक पास महिला और पुरुषों को सोशल ऑडिट की टीम के लिए चयनित किया गया है।
जनपद के 11 विकासखंड की 884 ग्राम पंचायतों में तालाबों की खोदाई, वर्षा के जल संचयन और पौधरोपण के लिए गए खोदे गए गड्ढे, बाल विकास विभाग की ओर से बंटने वाले पुष्टाहार और श्रमिकों को मनरेगा के तहत दिए गए रोजगार सहित अनेक विकास कार्यों की जांच के लिए आठ टीमों का गठन किया गया। प्रत्येक टीम में चार सदस्य शामिल रहेंगे, जो नौ जून से मनरेगा के कार्यों का सोशल ऑडिट कर उच्चाधिकारियों को जांच रिपोर्ट देंगे। इसके लिए इनको जिला विकास विभाग की ओर विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
ऑडिट के यह रहेंगे मुख्य बिंदु
- ग्राम पंचायत क्षेत्र में कितने श्रमिकों को काम मिला।
- सुंदरीकरण के लिए किन-किन तालाबों में कार्य हुआ।
- मानसून से पूर्व रोपे जाने वाले आठ लाख पौधे के लिए कहां-कहां पर ग्राम पंचायत की जगह में गड्ढे की खोदाई हुई।
- 884 ग्राम पंचायतों में बनाए जा रहे सामुदायिक शौचालयों के कार्य में कितने लोगों को काम मिला।
- श्रमिकों के जॉब कार्ड चेक करने के अलावा उन्हें मजदूरी मिली या नहीं।
मनरेगा के कार्यों का सोशल ऑडिट नौ जून से शुरू होगा। इसके लिए आठ टीमों का गठन कर लिया गया है। एक टीम में चार सदस्य शामिल हैं। इसके लिए इन्हें विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। - मंशाराम यादव, जिला विकास अधिकारी।