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Saharanpur News: करोड़ों रुपये से तैयार परियोजनाओं के संचालन की योजना नहीं

Wed, 11 Mar 2026 01:13 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
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सहारनपुर। स्मार्ट सिटी योजना में करोड़ों रुपये खर्च कर जिस मकसद से परियोजनाएं तैयार की गई थी, वह मकसद पूरा होता नजर नहीं आ रहा है। स्मार्ट सिटी सहारनपुर के अधिकारी पिछले दो साल से केवल कागजों पर संचालन की योजनाएं बन रहे हैं, जो धरातल पर नहीं उतर पा रही है। ऐसे में कई परियोजनाएं दो साल में जर्जर होना शुरू हो गई हैं।
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योजना के तहत महानगर में चकराता रोड पर 100 बेड का छात्रावास बनाया गया है। इसे तैयार हुए करीब डेढ़ वर्ष बीत चुका है, लेकिन अभी तक इसके ताले तक नहीं खुले हैं। इसी की बगल में मिनी स्टेडियम बनाया गया है, जिसमें क्रिकेट की प्रैक्टिस पिच, बास्केटबॉल कोर्ट और हॉकी या फुटबॉल के लिए मैदान बना है। इसके संचालन का भी कोई अता-पता नहीं है। जनमंच की बगल में करीब 17 करोड़ रुपये से कनवेंशन हॉल बनाया गया है। यह शादियों आदि के लिए किराए पर देने के लिए बनाया गया है।
इसे बने करीब दो साल हो गए हैं, लेकिन अभी तक एक भी ऐसा कार्यक्रम इसमें नहीं हुआ है, जिससे स्मार्ट सिटी की कमाई हो सके। राकेश टाकीज के पीछे इंदिरा कॉलोनी में सौ दुकानें तैयार की गई हैं। इन्हें बने दो साल से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक इनके शटर नहीं खुले हैं। इसकी वजह दुकानों का बेहद छोटा होना है, जो अंदर से करीब पांच से छह फीट लंबी और चौड़ी हैं, जिनमें एक व्यक्ति ठीक से कुर्सी और मेज डालकर नहीं बैठ सकता है।
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इनका भी संचालन नहीं
इसी प्रकार मानकमऊ में इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन बनाया गया है। इसे तैयार हुए दो साल बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक न तो बसें आई न ही चार्जर। महानगर में जोनल व्यवस्था लागू करने के लिए नुमाइश कैंप, हकीकतनगर और मनोहरपुर में करोड़ों रुपये के भवन बनाए गए हैं, लेकिन उनमें भी ताले जड़े हैं। हकीकतनगर और नूरबस्ती में वृद्धाश्रम भी तैयार किए गए हैं, जो करीब दो साल से बने हुए हैं। इनके संचालन की कोई योजना अभी तक स्मार्ट सिटी के अधिकारी नहीं बना सके हैं। उधर, स्मार्ट सिटी सहारनपुर के जीएम दिनेश सिंघल ने बताया कि परियोजनाओं से आय जनरेट करने के लिए टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। कुछ परियोजनाओं को ठेके पर लेने के लिए लोग नहीं मिल रहे हैं।

पार्षदों की बात
-पार्षद मंसूर बदर का आरोप है कि स्मार्ट सिटी का पैसा मनमाने तरीके से खर्च किया गया है। आज भी आधा शहर बदहाली में है। अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं।
-पार्षद अभिषेक उर्फ टिंकू अरोड़ा का कहना है कि स्मार्ट सिटी के बजट को बिना सोचे-समझे खर्च किया है। करोड़ाें से तैयार परियोजनाएं सफेद हाली बनकर रह गई हैं।
-पार्षद मनोज प्रजापति का कहना है कि दो साल से तैयार परियोजनाएं धूल फांक रही हैं। इनके संचालन के लिए स्मार्ट सिटी सहारनपुर के अधिकारियों से मिला जाएगा।
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-पार्षद मोहर सिंह ने बताया कि स्मार्ट सिटी के तहत बने जोनल ऑफिसों के संचालन के लिए वह कई बार अधिकारियों से मिल चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं है।
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