फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अल्पसंख्यकों को मुल्क में आजादी से जिंदा न रहने देने की हो रही साजिश : मदनी

विज्ञापन
विज्ञापन
सहारनपुर, देवबंद। जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष व ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के उपाध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि वक्फ का मामला हमारा धार्मिक मसला है, इसमें कोई भी संशोधन स्वीकार्य नहीं है। मदनी ने वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ 13 मार्च को दिल्ली में होने वाले विरोध प्रदर्शन में शामिल होकर इसकी पुरजोर मुखालिफत करने का आह्वान मुसलमानों से किया है। आरोप है कि अल्पसंख्यकों को मुल्क में आजादी से जिंदा न रहने देने की साजिश हो रही है।
विज्ञापन

मौलाना अरशद मदनी ने शनिवार को कहा कि संसद सत्र 10 मार्च से शुरू होने जा रहा है। सरकार इसी सत्र में वक्फ संशोधन बिल पास कर सकती है। इसी संभावना के चलते ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने 13 मार्च को दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। इसमें जमीयत उलमा-ए-हिंद भी शामिल है। मौलाना अरशद मदनी ने देश के वर्तमान हालात पर चिंता जताते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि लोकतंत्र से खिलवाड़ कर रहे राजनीतिक दल इस पर लगे हुए हैं कि अल्पसंख्यकों को हिंदुस्तान में आजादी के साथ जिंदा न रहने दिया जाए।
कहा कि हम ऐसी सोच के सख्त खिलाफ हैं और इसके खिलाफ जिस हद तक जाना पड़े जाएंगे। मौलाना मदनी कहा कि 15 अगस्त 1991 को पूजा स्थल अधिनियम लागू किया गया था।
विज्ञापन

कानून बनाया गया था कि देश में आजादी के समय यानी 15 अगस्त 1947 को जो भी पूजा स्थल जिस स्थिति में थे, वे वैसे ही रहेंगे। लेकिन इस पर जरा भी अमल नहीं किया गया। जिसका प्रमाण संभल की मस्जिद, बनारस की मस्जिद समेत अन्य कई मस्जिदें हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें