सहारनपुर। नगर निगम ने गोबर से पेंट बनाने का काम शुरू कर दिया है। करीब पांच हजार लीटर पेंट तैयार हो चुका है, जिसे जल्द ही बाजार में उतारने की तैयारी है।
नवादा रोड पर नगर निगम द्वारा मां शाकुंभरी कान्हा उपवन गोशाला का संचालन किया जा रहा है। नगर निगम गोशाला को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई तरह के उत्पाद तैयार कर रहा है। इनमें गोमूत्र से गोनाइल यानी फिनाइल तैयार करने के साथ ही गोबर गैस से जनरेटर चलाकर बिजली उत्पादित करना, गोबर से कंडे, धूप बत्ती, मूर्तियां और अन्य सामग्री भी बनाई जा रही है, जिसका स्टॉल नगर निगम में लगा है। हाल ही में गोबर से गुलाल बनाया गया है, जिसके पैकेट सात मार्च को ही राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री समेत अनेक नेताओं को भेजे गए हैं। अब गोबर से पेंट भी बनाया जाने लगा है।
- गोबर से तैयार पेंट की खूबी
गोशाला प्रभारी एवं नगर निगम के पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. संदीप मिश्रा ने बताया कि गोबर से तैयार होने वाले पेंट में हैवी मेटल्स नहीं हैं। यह इकोफ्रेंडली होने के साथ ही विषैला नहीं है। एंटी फंगल होने के कारण इसके त्वचा पर कोई दुष्प्रभाव नहीं होंगे। गंधहीन होने के कारण आंखों को नुकसान नहीं देगा। हीट प्रोटेक्टिव यानी गर्मी को भवन के भीतर प्रवेश नहीं करने देगा।
- पेंट तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री
पेंट बनाने के लिए 20 से 30 फीसदी गोबर रहेगा। गोबर के बराबर पानी के साथ ही इसमें सोडियम हाइडोक्साइड, टाइटेनियम ऑक्साइड, चूना, बाइंडर, लिंसेड ऑयल आदि केमिकल डाले जाते हैं।
- डिस्टेंपर और इमल्सन पेंट बनेंगे
प्लांट में दोनों तरह यानी डिस्टेंपरल और इमल्सन पेंट बनाए जाएंगे। इनके मूल्य की बात करें तो डिस्टेंपर पेंट बाजार में 120 रुपये प्रति लीटर और इमल्सन पेंट 225 रुपये प्रति लीटर बेचा जाएगा। जबकि बड़े ब्रांड के पेंट क्रमश: 250 और 350 रुपये लीटर मिलते हैं।
- नगर निगम ने गोबर से पेंट बनाना शुरू कर दिया है। अभी तक करीब पांच हजार लीटर पेंट बनाया जा चुका है, जो बाजार में उपलब्ध पेंट की तुलना में कहीं बेहतर और खूबियों वाला है। जल्द ही प्लांट का उद्घाटन कराकर पेंट को बाजार में उतारा जाएगा। - बीके सिंह, मुख्य अभियंता निर्माण/वरिष्ठ प्रभारी, गोशला