सहारनपुर। कलक्ट्रेट के नजारत अनुभाग में मृतक आश्रित में कार्यरत कर्मी ने जहर खा लिया। परिजनों ने उसको जिला अस्पताल मेें भर्ती कराया। एक दिन पहले ही उसने डीएम को शिकायतपत्र भेजकर कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए। हालांकि पत्र में जिस तरह से उसने सरकारी योजनाओं में लोगों की मदद दिलाने में सक्रिय रहने और अन्य बातें लिखी हैं, उससे मामला संदिग्ध लग रहा है।
कर्मचारी परवेज मंडी कोतवाली क्षेत्र स्थित पीरवाली गली का रहने वाला है। एक दिन पहले ही उसने कोरियर से जिलाधिकारी के नाम शिकायत पत्र भेजा, जिसमें कुछ लोगों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। पत्र में परवेज ने लिखा कि उसकी पत्नी बेहट तहसील में कार्यरत थी, जिसकी मृत्यु 2015 में हो गई थी। इसके बाद मृतक आश्रित में उसको नौकरी मिली। पत्र में लिखा कि वह जरूरतमंदों को समय समय पर सरकारी सहायता का लाभ दिलाता है, लेकिन लोग उसे बदनाम करते हैं कि मदद के नाम पर पैसा लेता हूं। पत्र में डूडा में कार्यरत एक कर्मी पर आरोप लगाया कि वह जियो टैगिंग की एवज में अवैध रूप से धन की मांग करता है। पत्र के अंत में लिखा है कि मेरे मरने के बाद गंभीरता से कार्रवाई कराई जाए। उधर, जिलाधिकारी अखिलेश सिंह का कहना है कि मामले की जानकारी कराई जा रही है, उचित कार्रवाई होगी।