सहारनपुर के बीच शहर से बहती ढमोला नदी
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। नाला बन चुकी ढमोला नदी की पेचिंग और तट बंध बनाने की योजना फाइलों में दबकर रह गई। इसके लिए शासन द्वारा दिए आदेश भी बेमानी साबित हुए हैं। सिंचाई विभाग अभी तक कागजी कार्रवाई करने में ही उलझा है। नदी पर खर्च होने वाले पैसे का अभी तक पता नहीं है। नतीजा यह है कि नदी बद से बद से बदतर हो रही है।
ढमोला नदी शहर के बीच से होकर गुजरती है। यही वजह है कि वर्ष 2013 में हुई भारी बारिश से ढमोला नदी ने खूब कहर बरपाया था। बड़ी संख्या में लोगों को माल और जान का नुकसान हुआ था। इसके बाद नदी की पेचिंग और तटबंध बनाने की मांग उठी थी। केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने तत्कालीन भाजपा सांसद राघव लखन पाल शर्मा को साथ लेकर नदी का दौरा किया था। इसके बाद शासन से नदी की पेचिंग और तट बंध के लिए छह करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दी। सिंचाई विभाग को यह पैसा नगर निगम से लेना था। मगर अभी तक नगर निगम से पैसा सिंचाई विभाग को नहीं मिला है। आलम यह है कि नदी लगातार अपना रूप खो रही है।
विधान सभा में भी उठा था मामला
नगर से सपा विधायक संजय गर्ग ने कुछ माह पहले ही विधान सभा में ढमोला नदी का मामला उठाया था। उन्होंने अभी तक नदी की पेचिंग नहीं होने और तट बंध नहीं बरतने की बात कही थी।
तटों पर हो रहा कब्जा
नदी के दोनों किनारों पर पेचिंग नहीं होने की वजह से नदी के तटों पर लगातार कब्जा हो रहा है। अनेक लोगों ने नदी किनारे कॉलोनियां काट दी हैं। कई स्कूल तक खुल चुुके हैं। बड़ी संख्या में डेयरियां भी नदी की जमीन पर चल रही हैं। यदि पेचिंग समय से हो जाए तो उसके बाद तटों पर कब्जा होने का सिलसिला बंद हो सकता है।
ढमोला नदी की पेचिंग और तटबंधों के काफी समय पहले कार्रवाई शुरू की गई थी। शासन के जैसे भी आदेश भविष्य में होंगे और बजट की उपलब्धता के आधार पर काम किया जाएगा। - विकास चंद्रा, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग।