अपनी पत्नी और बच्चो के साथ योगेश रोहिला स्रोत ग्रामीण
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गंगोह/सहारनपुर। पत्नी नेहा और दोनों बेटे जमीन पर खून से लथपथ हालत में पड़े तड़प रहे थे, जबकि बेटी श्रद्धा की मौत हो चुकी थी। उनके पास ही आरोपी योगेश हाथ में पिस्टल लेकर बैठा रहा। घटनास्थल पर जब परिजन और अन्य लोग पहुंचे तब कुछ ऐसा ही सीन था, जब तक पुलिस मौके पर नहीं पहुंची तब तक कोई भी उनके पास नहीं जा सका। डर था कि यदि उन्होंने घायलों को उठाने का प्रयास किया तो कभी उन्हें भी गोली न मार दी जाए।
पुलिस जांच में आया है कि घर में ही योगेश की अपनी पत्नी नेहा से बहस हुई, जिसके बाद उसने लाइसेंसी पिस्टल उठाई। नेहा घबराकर पीछे हट गई। बताया जा रहा है कि उसने हाथ जोड़कर कहा कि योगेश क्या कर रहे हो। मुझे मत मारो, बच्चों का ख्याल करो, लेकिन योगेश पर जैसे खून सवार था। अगले ही पल उसने नेहा की कनपटी पर गोली मार दी, जिससे वह खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ी। तभी बेटी श्रद्धा दौड़कर पिता के पैरों में लिपट गई।
उसकी नन्हीं आंखों में डर था, चेहरे पर आंसुओं की लकीर थी। पापा, प्लीज हमें मत मारो, मम्मी को अस्पताल ले चलते हैं, लेकिन योगेश के चेहरे पर कोई नरमी नहीं आई। उसने बेटी के सिर पर पिस्तौल रखी, एक पल को भी नहीं सोचा और गोली चला दी। मासूम श्रद्धा वहीं गिर पड़ी। यह देखकर देवांश और शिवांश वहां से भागने लगे। आरोपी को जरा भी रहम नहीं आया और दोनों बेटों की कनपटी पर भी गोली मार दी। पूरे फर्श पर खून ही खून था।
परिवार के सदस्यों के खटखटाने के बाद आरोपी ने दरवाजा तो खोल दिया, लेकिन पिस्टल लेकर उनके पास ही बैठा रहा कि गोली मार लूंगा। ऐसे में कोई भी घायलों के पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका। गंगोह से गांव में करीब आधा घंटे बाद इंस्पेक्टर पीयूष दीक्षित मौके पर पहुंचे, जिसके बाद पुलिस ने हिम्मत दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया और पिस्टल छीनी। इसके बाद ही घायलों को वहां से उठाकर अस्पताल तक भेजा गया।