सहारनपुर। गांव की फिजाओं में पंचायत चुनाव की आहट है। ऐसे में वर्तमान उम्मीदवार से लेकर भावी प्रत्याशी तक आरक्षण के संबंध में जानने को उत्सुक हैं। आरक्षण 2011 की जनगणना के आधार पर तय किए जाएगा। जल्द आधार वर्ष को तय कर आरक्षण का फार्मूला निर्धारित होगा। ऐसे में एक बार फिर आरक्षण का चक्का घूमेगा, जो पंचायतों के समीकरणों को तय करेगा।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की सरगर्मी काफी तेज है। शासन से लेकर स्थानीय प्रशासन चुनाव की तैयारी में लगा है। पहले परिसीमन और फिर मतदाता पुनरीक्षण अभियान के बाद सभी की नजर आरक्षण पर टिकी है। आने वाले चुनावों में हमारी पंचायत किस वर्ग के लिए आरक्षित होगी, इसे जानने के लिए सभी के मन में प्रबल इच्छा है। आरक्षण जनगणना और आधार वर्ष के आधार पर तय होगा। आरक्षण के लिए 2021 के चुनावों में आधार वर्ष 2015 को माना गया था। मतलब 2015 में जो सीट जिस वर्ग के लिए आरक्षित की गई थी, 2021 में उस वर्ग के लोगों को चुनाव लड़ने का मौका नहीं मिला। वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर एससी-एसटी के आरक्षण का प्रतिशत तय किया जाता है।
- यह है आरक्षण तय करने की प्रक्रिया
माना किसी ब्लॉक में अनुसूचित जाति के लिए ग्राम प्रधान के पद आरक्षित किए जाने हैं। तो अनुसूचित जाति की आबादी के प्रतिशत के आधार पर उस ब्लॉक के गांवों को ज्यादा से कम आबादी के क्रम में रखा जाएगा। पद का आवंटन उन ग्राम पंचायतों में कर दिया जाएगा, जो आधार वर्ष में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित नहीं थी।
- 2021 में यह थी आरक्षण की स्थिति
जनपद की कुल 884 ग्राम पंचायतों में से एससी महिला के लिए 68, एससी वर्ग के लिए 125, ओबीसी महिला के लिए 83, ओबीसी वर्ग के लिए 156, महिलाओं के लिए 147 सीटें आरक्षित थीं। इसी तरह जिला पंचायत सदस्य पदों पर एससी महिलाओं के लिए पांच, एसी के लिए आठ, ओबीसी महिला के लिए पांच, पिछड़ा वर्ग के लिए आठ, महिला के लिए सात और अनारक्षित पद 16 थे।
- वर्ष 2021 में ब्लॉक प्रमुख पदों का आरक्षण
बलियाखेड़ी-एससी महिला
रामपुर मनिहारनएससी
गंगोह-ओबीसी महिला
सढौली कदीम-ओबीसी
सरसावा-ओबीसी
मुजफ्फराबादमहिला
देवबंदमहिला
नानौता, पुंवारका, नकुड़ और नागलअनारक्षित
- वर्तमान में पंचायत सीटों की स्थिति
ग्राम पंचायतों की संख्या 884
पंचायत वार्डों की संख्या-11210
क्षेत्र पंचायत में वार्ड 1206
जिला पंचायत वार्ड49