सहारनपुर। खाड़ी देशों में जारी संघर्ष का असर पेट्रोलियम की आपूर्ति पर पड़ रहा है। इसके चलते होजरी उद्योग पर भी मार पड़ने लगी है। पॉलिएस्टर के दामों में पांच से 12 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। कारोबारियों का कहना है कि यदि जल्दी से स्थिति नहीं सुधरी तो कच्चे माल के दाम और बढ़ सकते हैं। इसका असर कारोबार पर पड़ेगा।
जिले का होजरी उद्योग एक जिला एक उत्पाद योजना में भी शामिल है। यहां बड़ी संख्या में फैक्टरियां लगी हैं। कपड़े आदि बनाने में उपयोग होने वाला कच्चा माल चीन के बाद पंजाब, राजस्थान के साथ दक्षिण भारत से आता है। धागे के महंगा होने से इसका सीधा असर कारोबार पर पड़ेगा। तैयार उत्पाद के दामों में बढ़ोतरी होगी। जिले में बड़े स्तर पर होजरी का कारोबार है। यहां पर होजरी की करीब 550 पंजीकृत इकाइयां हैं। इसके अलावा भी बड़े स्तर पर छोटी, बड़ी इकाइयां चल रही हैं। इनकी संख्या भी 200 से अधिक है। करीब 700 इकाइयों का कारोबार करीब एक हजार करोड़ रुपये का है। इस उद्योग से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर 70 से 80 हजार लोगों को रोजगार मिलता है। जिले का होजरी कारोबार देशभर में प्रसिद्ध है।
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- बोले कारोबारी
ईरान, अमेरिका-इस्राइल युद्ध का असर होजरी उद्योग पर भी पड़ रहा है। धागा खासकर पॉलिएस्टर के दामों में 12 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है। इसका इस्तेमाल अब अधिक होने लगा है। यह पेट्रोलियम पदार्थ है। कच्चे माल की लागत बढ़ने से इसका असर तैयार उत्पाद पर भी पड़ेगा। स्थिति जल्द से जल्द सामान्य होनी चाहिए।
- मनजीत सिंह अरोड़ा, अध्यक्ष सहारनपुर होजरी मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन
बाजार में प्रतिस्पर्धा बहुत अधिक है। कच्चे माल के दाम बढ़ने से काफी असर पड़ रहा है। व्यापारियों का मार्जिन कम हो गया है। यदि जल्दी ही आपूर्ति सुचारु नहीं होती तो कारोबार पर इसका व्यापक असर होगा। कई कंपनियां भी दाम बढ़ाने की बात कर रही है। उम्मीद है जल्द ही स्थिति सामान्य होगी।
- घनश्याम माहेश्वरी, महामंत्री सहारनपुर होजरी मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन