सहारनपुर में डीएम पवन कुमार ने कहा है कि वोटर लिस्ट में डुप्लीकेसी सबसे बड़ी चुनौती है। इसे समाप्त कर वोटरलिस्ट को पूर्णतया ठीक करके पारदर्शी चुनाव कराया जाएगा। इसके लिए बीएलओ घर-घर जाकर एक-एक मतदाता का सत्यापन कर रहे हैं।
जिलाधिकारी सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करने के बाद पत्रकारों को प्रशासन द्वारा की जा रही तैयारियों की जानकारी दे रहे थे।
उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी तरह से चुनावी तैयारी में है। तीन तहसीलों का निरीक्षण कर लिया गया है। निर्वाचक नामावलियों का पुनरीक्षण का कार्य कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में डुप्लीकेसी को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।
पूरे देश में कहीं भी जिले के किसी भी मतदाता का नाम वोटर लिस्ट में शामिल है और यहां की भी लिस्ट में है तो उसे एक जगह से नाम कटवाना पड़ेगा।
इसके लिए उसे फार्म 7 भरकर देना होगा। एक व्यक्ति का नाम दो जगह मतदाता सूची में नहीं हो सकता। इसके लिए सत्यापन किया जा रहा है। ऐसे जितने भी नाम हैं, उनकी सूची चुनाव आयोग ने जिलेवार दी है।
उन्होंने लोगों से स्वेच्छा से ही अपना नाम एक स्थान की मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि जिन युवाओं की आयु 1 जनवरी 2016 को 18 वर्ष की हो चुकी है, वे अपना नाम मतदाता सूची में शामिल करा लें।
उन्होंने बताया कि मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए फार्म नंबर 6 भरें, नाम कटवाने के लिए फार्म नंबर 7 भरे और नाम में संशोधन कराने के लिए फार्म नंबर 8 भरें।
उन्होंने वन गुर्जरों का नाम मतदाता सूची में शामिल किए जाने के निर्देश दिए। कुछ मतदाताओं के नाम उत्तराखंड क्षेत्र में हैं। वे अपनी स्वेच्छा से अपना नाम दर्ज करा सकते हैं।
डीएम पवन कुमार ने बताया कि जनसंख्या के आधार पर 60 प्रतिशत मतदाता होने चाहिए, जबकि जेंडर रेशियो 1000 पुरुष मतदाताओं के सापेक्ष कम से कम 887 महिला मतदाता होनी चाहिए। सहारनपुुर में 850 है, इसे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
करीब पांच लाख की डुप्लीकेसी जिलाधिकारी पवन कुमार ने बताया कि जिले में करीब पांच लाख मतदाताओं के नाम की डुप्लिकेसी है। इन्हें ठीक कराने के लिए घर-घर बीएलओ भेजे जा रहे हैं।
जिलाधिकारी पवन कुमार ने बताया कि इस बार 1500 मतदाताओं के लिए एक मतदेय स्थल बनाया जा रहा है। इस कारण 135 मतदेय स्थल बढ़ गए हैं। अलग-अलग गांव एवं मजरों में बूथ बनाए गए हैं।
कुछ मतदेय स्थल पुराने एवं जर्जर भवन होने के कारण एवं मतदान क्षेत्र में उपयुक्त भवन न होने के कारण दूसरी जगह बांटकर मतदेय स्थल बनाए गए हैं। ऐसे 15 मतदान केंद्र बढ़े हैं।