सहारनपुर। नियमानुसार, सरकार का भी मानना है कि डीजल वाहन 10 साल और पेट्रोल वाहन की आयु 15 साल होती है। आप भी हैरान यह जानकर हैरान होंगे नगर निगम में मात्र दो से तीन साल पुराने वाहनों को मामूली खराबी होते ही कचरा बनने के लिए छोड़ दिया गया। जबकि नए वाहनों की खरीद पर पूरा जोर दिया जा रहा है। इसका कारण कोई भी हो, लेकिन यह चर्चा का विषय बना हुआ है।
दरअसल, वाहनों के रख-रखाव के लिए नगर निगम ने ई-गैराज है, जिसमें वाहनाें को खड़ा करने के लिए टिनशेड है। साथ ही वर्कशॉप भी अंदर ही तैयार की गई है। ई-गैराज की पड़ताल की गई तो कई जानकारी सामने आई। केवल टायर पंक्चर होने के कारण आधा दर्जन से अधिक वाहन बारिश में खुले में खड़े मिले, जिनकी बॉडी जंग खा रही है। वाहन नए हैं या पुराने इसका अंदाजा चालक और परिचालक की सीट पर चढ़ी पन्नी से पता चला। कई नए वाहनों के शीशे उतरे मिले, जिसकी वजह से बारिश का पानी चालक सीट पर भरा मिला। कई वाहनों में चालक सीट के पास कचरा डाला गया है, जो इस बात को दर्शाता है कि जानबूझकर वाहनों को कबाड़ बनाया जा रहा है।
पंक्चर होने पर कचरा बनने को छोड़े गए वाहन और उनकी स्थिति
वाहन संख्या-रजिस्ट्रेशन तिथिदस्तावेज की स्थिति
यूपी 11 सीटी-3931-28 फरवरी 2023-फिटनेस, बीमा और प्रदूषण एक्सपायर
यूपी 11 सीटी-1430-31 अगस्त 2022-फिटनेस, बीमा और प्रदूषण एक्सपायर
यूपी 11 सीटी-3949-28 फरवरी 2023-फिटनेस, बीमा और प्रदूषण एक्सपायर
यूपी 11 एटी-601027 नवंबर 2017-फिटनेस, बीमा, प्रदूषण एक्सपायर
यूपी 11 सीटी-3944-28 फरवरी 2023-फिटनेस, बीमा और प्रदूषण एक्सपायर
गैराज में 100 भी वाहन नहीं
नगर निगम के रिकॉर्ड में विभिन्न प्रकार के 316 वाहन हैं, जिनमें ट्रक, जेसीबी, पोकलेन, सीवर शकर, ट्रैक्टर ट्रॉली, कचरा ढुलाई के लिए छोटे और बड़े वाहन आदि शामिल हैं। हालांकि गैराज में खड़े वाहनों की संख्या 100 भी नहीं है, जो जांच का विषय है। तर्क है कि बाकी वाहन नूर बस्ती और अन्य जगहों पर खड़े होते हैं।
हाल ही में खरीदे गए यह वाहन
पिछले सप्ताह खरीदे नए वाहन नगर निगम ने बीते सप्ताह जो वाहन खरीदे हैं उनमें सीवर सफाई के लिए चार सक्शन मशीन, एक बैकहो लोडर, तीन ट्रैक्टर, पांच ट्रॉली, एक हॉपर टियर डंपर शामिल हैं।
मैंने खुद गैराज का निरीक्षण करते हुए कई कमियां पकड़ी हैं, जिन वाहनों का बीमा, फिटनेस और प्रदूषण के एक्सपायर है उनके नवीनीकरण के निर्देश दिए गए हैं। करीब एक महीने के अंदर वर्कशॉप चालू हो जाएगी, जिसके बाद निगम खुद वाहन ठीक करेगा।
-शिपू गिरि, नगर आयुक्त