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अंजीर की बागवानी से मिली मुनाफे की मिठास

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अंजीर के बाग में बागवान - फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। परंपरागत खेती में लागत अधिक और मुनाफा कम होने के कारण जनपद के किसान नित नए प्रयोग कर रहे हैं। ऐसा ही एक प्रयोग गांव खुशहालीपुर निवासी सुधीर सैनी ने किया है। उन्होंने अंजीर की बागवानी शुरू की है। इससे अब उत्पादन भी शुरू हो गया है। वे न सिर्फ अंजीर बेच रहे हैं बल्कि प्रोसेस करके शर्बत, जैम और चटनी आदि भी बना रहे हैं।
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गांव खुशहालीपुर के किसान सुधीर सैनी अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत हो सकते हैं। उन्होंने परंपरागत बागवानी के स्थान पर अंजीर की बागवानी शुरू की है। उन्होंने तीन वर्ष पहले देहरादून से लाकर एक एकड़ में अंजीर का सघन बाग लगाया था। उसमें करीब 1800 पौधे रोप रखे हैं। इन पर प्रति पौधा करीब पांच किलो फल प्राप्त हो रहे हैं। उनका दावा है कि दस वर्ष में अंजीर का प्रति पेड़ उत्पादन 100 किलो तक पहुंच जाएगा। पौष्टिकता से भरपूर होने के कारण अंजीर की बाजार में मांग है और दाम भी अच्छा मिलने से काफी मुनाफा है। फिलहाल वे अंजीर को प्रोसेस कर शर्बत एवं चटनी आदि बना रहे हैं। अंजीर के ताजे फलों को वे 200 रुपये प्रति किलो तक बेच रहे हैं। -------------
प्रोसेस कर कमा रहे अधिक मुनाफा
सुधीर सैनी ने बताया कि वे अधिकांश अंजीर की प्रोसेसिंग करके शर्बत, जैम एवं चटनी बनाते हैं। ताजे फल क्षेत्रीय लोग बाग से ही आकर खरीद लेते हैं। प्रोसेस कर अंजीर के उत्पाद बनाकर बेचने से उन्हें बढ़िया आय प्राप्त हो जाती है। इन उत्पादों को देहरादून, सहारनपुर, हरिद्वार सहित कई शहरों में सप्लाई किया जाता है।
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कमल और सिंघाडे़ की खेती
गांव नंदी फिरोजपुर के प्रगतिशील किसान सेठपाल सिंह जहां खेत में सिंघाडे़ की खेती करते हैं वहीं तालाब में कमल के फूल, कमल गट्टा आदि का उत्पादन भी करते हैं। वे खेत की मेड़ को ऊंची करके सिंघाडे़ का उत्पादन करते हैं। वहीं उन्होंने खेत में बना रखे तालाब में कमल के फूल और कमल ककड़ी भी पैदा कर बढ़िया लाभ कमा रहे हैं।
कश्मीरी एप्पल बेर में तलाश रहे भविष्य
गांव खानपुर, तीतरो और पूजना के कई बागवानों ने कश्मीरी एप्पल बेर की बागवानी शुरू की है। एक वर्ष पहले लगाए गए पौधों से उन्होंने पिछले मार्च में उत्पादन भी प्राप्त किया है। खानपुर के बागवान सतीश कुमार का कहना है कि आम की बागवानी के साथ ही उन्होंने अधिक आय देने वाली बागवानी की तलाश में कश्मीरी एप्पल बेर की बागवानी प्रारंभ की है।
ट्रायल के तौर पर शुरू की सेब की बागवानी
अच्छी आय की जद्दोजहद में जनपद के प्रगतिशील बागवान तीतरो के राजकुमार चौधरी और नानौता के शहंशाह आलम ने सेब की बागवानी भी शुरू की है। उन्होंने अन्ना और हरमन 99 प्रजाति के सेब के पौधे लगाए हैं। पिछले दो वर्षों से उनके यहां सेब का उत्पादन भी प्रारंभ हो गया है।

अंजीर का बाग- फोटो : SAHARANPUR

अंजीर के बागवान सुधीर सैनी- फोटो : SAHARANPUR

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