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सपाइयों ने नारेबाजी कर किया प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन

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सहारनपुर सदर तहसील में सरकारी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन करते सपा कार्यकर्ता। - फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। प्रदेश सरकार की नीतियों के विरोध में सपा कार्यकर्ताओं ने सोमवार को सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर जुलूस निकाला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की गलत नीतियों के चलते न सिर्फ कोरोना संकट बढ़ा है बल्कि किसान, नौजवान, बुनकर और समाज के दूसरे कमजोर वर्गों की उपेक्षा हुई है। उन्होंने कानून व्यवस्था ध्वस्त होने, सपा कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न होने और भ्रष्टाचार का भी आरोप लगाते हुए राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।
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सोमवार को सपा कार्यकर्ता हकीकत नगर स्थित धरनास्थल पर एकत्र हुए और वहां से जुलूस के रूप में नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट परिसर स्थित तहसील सदर पहुंचे। वहां उन्होंने जमकर सरकार विरोधी नारेबाजी की। एसडीएम अनिल कुमार सिंह और सिटी मजिस्ट्रेट सुरेश कुमार सोनी को सौंपे ज्ञापन में उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में इन दिनों अराजकता की स्थिति है। कोरोना संक्रमण बढ़ता ही जा रहा है और बड़ी संख्या में मौत भी हो चुकी है। इसके बावजूद अस्पतालों में इलाज की सुचारु व्यवस्था नहीं है। सरकार किसानों को बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान अभी तक भी नहीं करा सकी है। किसानों को फसल का लागत मूल्य भी नहीं मिल पा रहा है। जबकि उसकी आय दोगुनी करने का वादा किया गया था।
इस दौरान महानगर अध्यक्ष आजम शाह, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष फरहाद आलम गाडा, जिला उपाध्यक्ष अब्दुल गफूर, सरफराज खान, पूर्व महानगर अध्यक्ष फैसल सलमानी, सपा अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष आकाश पंवार, राव वजाहत, नवाब गुर्जर, रतन सिंह यादव, मुस्तकीम राणा, हरपाल वर्मा, नुसरत साबरी, राजकुमार प्रधान, वासिल तोमर, दानिश, प्रणव शर्मा, इसरार प्रमुख, फहाद सलीम आदि मौजूद रहे।
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ये हैं प्रमुख मांगें
- किसानों को अतिवृष्टि, ओलावृष्टि, बाढ़ से नष्ट फसलों की क्षतिपूर्ति मिले।
- बकाया गन्ना मूल्य का ब्याज सहित जल्द भुगतान हो।
- बिजली दरों में बढ़ोत्तरी रोकी जाए, बुनकरों को फ्लेट रेट पर बिजली दी जाए।
- फर्जी एनकाउंटर बंद हों, हिरासत में मौतों की न्यायिक जांच हो।
- छात्रों की लॉकडाउन अवधि की फीस माफ हो।
- अपराधों पर अंकुश लगे।
- सपाइयों का उत्पीड़न बंद हो।
- सांसद आजम खां और उनके परिवार पर बदले की भावना से किया जा रहा उत्पीड़न बंद हो।
- सरकारी सेवाओं में वर्ग ख और ग के कर्मचारियों की संविदा पर भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगे।
- बेरोजगार युवाओं को बेरोजगारी भत्ता मिले।
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