सहारनपुर। महापौर संजीव वालिया ने बताया कि चार साल में महानगर में 110 डलाव घर समाप्त किए गए हैं। साथ ही घर-घर से कचरा लेकर उसको एमआरएफ सेंटरों के माध्यम से निस्तारित किया है। नतीजा यह हुआ है कि शहर स्वच्छ बना है। एक तरह से हमने चार साल में शहर के माथे से गंदगी का कलंक हटाया है। महापौर नगर निगम बोर्ड के चार साल पूरे होने पर पत्रकार वार्ता कर नगर निगम बोर्ड की उपलब्धियां गिना रहे थे।
महापौर ने बताया कि दिल्ली रोड, बेहट रोड, देहरादून रोड, गंगोह रोड व राकेश केमिकल चौक से भारत माता चौक तक डिवाइडरों को एलईडी लाइटों से सुंदर बनाया गया है। पुरानी चुंगी चौक से भारत माता चौक सहित महानगर में बड़ी संख्या में सड़कों और करीब डेढ़ सौ नालों का निर्माण कराया गया है। शहर को सुंदर और हरा भरा बनाने के लिए 1.25 लाख पौधे लगाए गए हैं। 80 हजार घरों से डोर टू डोर कचरा लिया जा रहा है। कचरा निस्ताण के लिए 10 एमआरएफ सेंटर तथा शहर के विभिन्न वार्डों में 31 सामुदायिक और 26 सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण कराया गया है। पेयजल के क्षेत्र में 91 मिनी नलकूप, सात बड़े नलकूप, 271 हैंडपंप, 331 हैंडपंप रिबोर कराए गए हैं, जबकि 150 किलोमीटर की पेयजल पाइपलाइन डाली गई है। अमृत योजना पार्ट वन व पार्ट टू के तहत महानगर में छह ओवर हैड टैंक बनवाए गए हैं, जबकि 13.5 हजार नए कनेक्शन दिए गए हैं। अमृत योजना के अंतर्गत 13 पार्को का सुंदरीकरण कराया गया है। महानगर में 49 किमी नई सीवर लाइन डाली गई है, जिससे 8,000 कनेक्शन दिए गए हैं। जन शिकायतों की सुनवाई के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है। 50 हजार नई संपत्तियों का पंजीकरण हुआ है। वेंडिंग जोन के लिए 13,500 वेंडरों का पंजीकरण किया। कान्हा उपवन गोशाला का निर्माण कर उसमें 250 से अधिक गोवंश का पालन किया जा रहा है। स्वान की संख्या पर नियंत्रण के लिए एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर बनाया जा रहा है। पत्रकार वार्ता के दौरान नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।
स्वास्थ्य सेवाओं के लिए यह किया
कोरोना को देखते हुए नगर निगम ने राजकीय मेडिकल कॉलेज में आरटी-पीसीआर जांच के लिए मशीन दी। जिला अस्पताल में ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट दिया। कोरोना काल में टेली मेडिसिन सेवा चलाकर हजारों लोगों को इलाज दिया। कोरोना काल में आठ लाख भोजन के पैकेट जरूरतमंदों को उपलब्ध कराए। नुमाइश कैंप श्मशान घाट में विद्युत शवदाह गृह का निर्माण कराया।