सहारनपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज में बीते दिनों झगड़ा करने वाले एमबीबीएस के छात्रों को वीडियो और फोटो से चिह्नित करने के बाद 27 छात्रों को निलंबित किया। निलंबन होते ही कई छात्रों के होश ठिकाने आ गए हैं। इनमें से कइयों ने सिफारिश के भी प्रयास किए हैं। कइयों के अभिभावक भी रविवार को कॉलेज पहुंचे, मगर अवकाश के चलते प्राचार्य से मुलाकात नहीं हो सकी।
कॉलेज में बीते दिनों एमबीबीएस के जूनियर और सीनियर छात्रों के बीच बास्केटबाल खेलने केे लेकर विवाद हुआ था, जो खूनी संघर्ष में बदल गया था। करीब 200 छात्रों के दो गुट आमने-सामने आ गए थे। इसके बाद शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्राचार्य को पुलिस और पीएसी बुलानी पड़ी थी। साथ ही लड़कों के दो छात्रावासों की लाइट काटते हुए छात्रावास खाली कराए थे। अब कॉलेज प्रशासन ने घटना की वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और फोटो के आधार पर 27 छात्रों को चिह्नित कर अग्रिम आदेशों तक निलंबित किया। इसके बाद कुछ छात्रों और उनके परिजनों में खलबली है। छात्र बहाली के लिए प्राचार्य के पास सिफारिश के फोन कराने में लग गए हैं, मगर प्राचार्य ने मामला पुलिस पर छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि कॉलेज ने अपनी कार्रवाई करने के बाद पुलिस से भी अपनी विवेचना कर अपने स्तर से कानूनी कार्रवाई के लिए कहा है, इससे कोई भी छात्र भविष्य में इस तरह की घटना को अंजाम देने से पहले सौ बार सोचे।
छात्रावासों मे लौटी रौनक
चिह्नित छात्रों के अलावा शेष छात्र छात्रावासों में लौट आए हैं, इनकी कक्षाएं भी शुरू करा दी। घटना के बाद दोनों छात्रावासों की लाइटें काटकर सभी छात्रों को रात में बाहर निकाल दिया था। प्राचार्य का कहना है कि जो छात्र घटना में शामिल ही नहीं थे। उनकी पढ़ाई का नुकसान नहीं किया जा सकता।
%नहीं सुधरे तो इससे भी कड़ी कार्रवाई होगी%
प्राचार्य ने संकेत दिया है कि यदि संबंधित छात्र नहीं सुधरे और भविष्य में इस तरह की घटना को अंजाम दिया तो कॉलेज इससे भी कड़ी कार्रवाई करने को तैयार है। प्राचार्य का स्पष्ट कहना है कि किसी भी व्यक्ति को कॉलेज का माहौल खराब करने की इजाजत नहीं दी जा सकती। कुछ छात्रों की वजह से पढ़ने वाले छात्रों का भविष्य खराब नहीं किया जा सकता।
एफआईआर कराए कॉलेज
छात्रों का विवाद कॉलेज परिसर के भीतर हुआ है, जिसमें कार्रवाई करने की जिम्मेदारी कॉलेज प्रशासन की है। पुलिस अपने स्तर से कार्रवाई नहीं करेगी। यदि कॉलेज पुलिस से कार्रवाई चाहता है तो एफआईआर दर्ज कराए। धर्मेंद्र सिंह थाना प्रभारी सरसावा
हमने छात्रों के निलंबन की कार्रवाई कर दी है, जिसके बाद कुछ लोगों के फोन भी आए हैं, मगर किसी भी व्यक्ति चाहे वह छात्र ही क्यों ना हो कॉलेज का माहौल खराब नहीं करने दिया जाएगा। पुलिस से विवेचना करने के लिए कहा गया है। पुलिस भी अपने स्तर से कार्रवाई कर रही है।- डॉ. अरविंद त्रिवेदी, प्राचार्य, शेखुल हिंद मौलाना महमूद हसन मेडिकल कॉलेज, पिलखनी।