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Saharanpur News: नदी बन गई नाला, कभी था स्वच्छ जल, अब पानी काला

Sun, 10 Mar 2024 11:48 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
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सहारनपुर। महानगर को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के लिए अनेक परियोजनाओं पर काम चल रहा है, लेकिन शहर के बीचोंबीच से बहने वाली पांवधोई नदी, जो नाले का रूप लिए हुए है उसकी बदहाली दूर करने के लिए स्मार्ट सिटी योजना में कोई प्लान नहीं लिया गया। नतीजा नदी में फैला प्रदूषण और इसकी बदहाली स्मार्ट सिटी को दाग लगा रही है।
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पांवधोई नदी महानगर में पांच किलोमीटर का सफर तय करती है। शहर भर से निकल रहे सीवर और नाले नदी को गंदा बना रहे हैं। अमर उजाला की पड़ताल में नदी की दोनों ओर की दीवारें जगह जगह से क्षतिग्रस्त मिलीं। धोबीघाट पर नदी में सिल्ट जमी होने के साथ ही भारी मात्रा में कचरा जमा है। अग्रवाल धर्मशाला के सामने नदी की एक साइड की करीब 100 मीटर लंबी दीवार गिरी हुई है। पुल खुमरान पर डलावघर के पास नदी में कचरे की चादर बिछी है। दालमंडी पुल के नीचे प्लास्टिक कचरा नदी में बिछा हुआ है। सब्जी मंडी पुल के नीचे भी कचरे की चादर बिछी है। पांवधोई बचाव समिति में शिक्षाविद्, पर्यावरणविद्, भूगोलविद आदि जुड़े हैं। इसके बावजूद नदी नाला बन चुकी है।

- हवाई निकला प्रस्ताव

वर्ष 2018 में नगर निगम की बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास हुआ था, जिसमें धोबीघाट को गंगाघाट के रूप में विकसित करने की बात कही गई थी। नदी की दोनों साइड की दीवारों और ग्रिल को भी दुरुस्त कराने की बात कही गई थी, लेकिन वह भी हवा हवाई निकला। स्मार्ट सिटी योजना के तहत प्रस्ताव तैयार करने के लिए सिंचाई विभाग को पत्र लिखा गया था, लेकिन प्रस्ताव तैयार नहीं हुआ, जिसकी वजह से पांवधोई स्मार्ट सिटी योजना में नहीं ली जा सकी।
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- नदी को नहीं खुद को बचाने को होती है कसरत
नदियों को प्रदूषित करने पर एनजीटी द्वारा बीते माह नगर निगम को नोटिस जारी किया जा चुका है। चार साल पहले भी नगर निगम एनजीटी के जुर्माने से बचा था। यही वजह है कि अभी तक नदी को बचाने की बजाय खुद को जुर्माने से बचाने के लिए नदी की सफाई आदि के काम किए जाते रहे हैं।

- सिंचाई विभाग को प्रस्ताव तैयार करने के लिए पत्र लिखा गया था, लेकिन सिंचाई विभाग से कोई प्रस्ताव तैयार होकर नहीं आया, जिसकी वजह से नदी को स्मार्ट सिटी योजना में नहीं लिया गया। - अमरेंद्र गौतम, अधिशासी अभियंता, स्मार्ट सिटी सहारनपुर।
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