सहारनपुर। सीपीपीआरआई (केंद्रीय लुग्दी एवं कागज अनुसंधान संस्थान) में करीब एक साल से अधर में लटकी भर्ती परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया गया। 26 पदों के लिए देश भर के पांच हजार अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी, जिसमें करीब 90 लाख रुपये खर्च हुए थे। भर्ती परीक्षा परिणाम जारी नहीं होने पर कुछ अभ्यर्थियों ने आरोप लगाते हुए वाणिज्य और उद्योग मंत्री को भी शिकायत भेजी थी।
संस्थान की तरफ अक्तूबर 2023 में सीनियर साइंटिफिक असिस्टेंट और टेक्नीशियन के अलग-अलग ग्रुप के लिए 26 पदों पर भर्ती निकाली गई थी। देशभर से करीब पांच हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया। 2-3 दिसंबर 2023 को परीक्षा के लिए दिल्ली, मुंबई, लखनऊ और चेन्नई में केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा कराने की जिम्मेदारी एनपीसी (राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद) कंपनी को दी गई थी। इसमें करीब 90 लाख रुपये खर्च हुए थे। कई माह बाद भी परीक्षा का परिणाम जारी नहीं किया गया था, जिस कारण अभ्यर्थियों ने भी सवाल उठाए थे।
कुछ अभ्यर्थियों की तरफ से वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को मेल के माध्यम से शिकायत भेजी गई थी। आरोप था कि भारत सरकार की मिशन मोड योजना के तहत की गई भर्ती परीक्षा का परिणाम जारी नहीं किया जा रहा। जबकि संबंधित कंपनी परीक्षा परिणाम तैयार कर संस्थान को भेज चुकी है। संस्थान ने परिणाम रोक रखा है। मंगलवार को भर्ती परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया गया।
अमर उजाला ने भी उठाया था मुद्दा
भर्ती परीक्षा का परिणाम जारी नहीं होने पर अमर उजाला ने भी पिछले साल 24 अगस्त के अंक में इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसमें सवाल उठाए गए थे कि आखिर संस्थान ने अपने स्तर पर परिणाम क्यों रोक रखा है।