विश्व वन्य जीव दिवस:
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--45 तेंदुए और 24 हाथी होने की पुष्टि
--वनों में लोगों का दखल बढ़ा
अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर। वन क्षेत्रों में इंसानों की आवाजाही वन्य जीवों को प्रभावित कर रही है। इसी कारण वन जीवों का आबादी में आना आम बात हो गई है। जिससे वन्य जीवों के साथ दुर्घटनाएं भी लगातार बढ़ रही है। शिवालिक वन प्रभाग क्षेत्र में काफी संख्या में वन्य जीव है। ऐसे में लोगों को समझना होगा कि वन्य जीवों का संरक्षण बहुत जरूरी है।
शिवालिक वन प्रभाग क्षेत्र में वन गुर्जरों और आसपास के ग्रामों के ग्रामीणों का दखल बढ़ रहा है। जिससे वन्य जीवों के साथ हादसे हो रहे है। छह फरवरी को शिवालिक वन प्रभाग की मोहंड रेंज में नीचे लटकी एचटी लाइन के तारों की जद में आ कर हाथी की मौत हो गई। तीन माह पूर्व बड़कलां गांव में गुलदार की दहशत रही। 17 जून को आबादी में घुसे हिरण का कुछ लोगों ने शिकार किया था। गांव बुड्ढाखेड़ा पुंडीर के खेतों में मादा गुलदार अपने दो शावकों के साथ उतर आई थी। इनमें से एक शावक को ग्रामीणों ने लाठी डंडों से पीट कर मार डाला था।गत वर्ष शाकंभरी रेंज में गांव अब्दुल्लापुर के खेतों में उतरे गुलदार ने डिप्टी रेंजर पूर्णानंद कुकरेती पर हमला कर गंभीर घायल कर दिया था। अप्रैल में बडकला रेंज में गांव में आए सांभर को कुत्तों ने मार दिया। शाकंभरी रेंज में एक सांभर किसी वाहन की चपेट में आकर मर गया। बुधवार को बकडौली कमालपुर में मादा हिरण आबादी में घुस आई, जिसे कुत्तों ने हमला कर घायल कर दिया।
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शिवालिक में वन्य जीव
शिवालिक वन प्रभाग 33229 हेक्टेयर में फैला है। यहां वर्तमान में 7303 वन्य जीव है। जिनमें 45 तेंदुए, 22 हाथी, 186 काकड़, 39 फिशिंग कैट, 356 सांभर, 210 घुरल, 96 लोमड़ी, 121 सियार, 99 जंगली बिल्ली, 101 बिज्जू, 172 सेही, 176 गोह, 1869 बंदर, 1164 लंगूर, चार बारहसिंघा, 612 बन रोज, 527 मोर आदि वन्य जीव है।
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बफर जोन की तैयारी
शिवालिक वन प्रभाग को राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क का बफर जोन बनाने की तैयारी है। इस बफर जोन घोषित करने का प्रस्ताव शासन को डेढ़ साल पहले भेजा था, जो शासन में लंबित है। शिवालिक के पूर्व में राजाजी नेशनल पार्क, पश्चिम में हरियाणा का कलेसर वन्य जीव अभ्यारण्य और उत्तर पश्चिम में हिमाचल प्रदेश की सिरमौर सेंक्चुरी है। कई साल पहले यहां पर टाइगर को भी देखा गया था।
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--वन्य जीवों का संरक्षण जरूरी
- शिवालिक वन प्रभाग में ग्रामीणों और वन गुर्जरों का दखल है, जिसका असर वन्य जीवों पर पड़ रहा है। वो या तो बहुत दूर जाते है या आबादी की ओर आते हैं। अब इसे राजाजी टाइगर रिजर्व का बफर जोन बनाने की तैयारी चल रही है, जिसका प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, मगर अभी तक शासन ने कोई निर्णय नहीं लिया है। वन्य जीवों और वनस्पतियों के संरक्षण जरूरी है। इसके लिए लोगों को जागरूक किया जाता है, ताकि वन्य जीवों को कोई नुकसान ना पहुंचाएं। इसी माह से वन्य जीवों की गणना भी शुरू कराई जाएगी।
श्वेता सैन
प्रभारी डीएफओ, शिवालिक वन प्रभाग