सहारनपुर। साइबर ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह के आठ आरोपियों पर पुलिस ने चार्जशीट लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। अब तक की जांच में सामने आया कि पुलिस करीब 150 लोगों से पूछताछ तक असली साइबर ठगों तक पहुंची थी। गिरोह का मास्टरमाइंड विपिन था, जिसने अपने परिजनों के आधार कार्ड से फर्जी सिम लेता था।
दरअसल, कुछ दिन पहले साइबर क्राइम थाने में मुख्यालय से करीब 3500 फर्जी सिम की जांच आई थी। 10 जुलाई को थाना साइबर क्राइम पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ किया था। पुलिस ने आठ पर कार्रवाई की थी, जिसमें दो महिलाएं शामिल थीं, जबकि तीन सगे भाई भी थे। यह आरोपी फर्जी सिम के जरिए दक्षिण पूर्वी एशियाई के थाईलैंड, वियतनाम, लाओस और कंबोडिया में साइबर क्राइम करा रहे थे। दूसरों की आईडी पर एक्टिवेट सिम साइबर आरोपियों को बेचते थे।
इन आरोपियों को पकड़ने के लिए 150 से अधिक लोगों को बुलाकर पूछताछ की गई। इसके बाद चेन बनती चली गई और पुलिस असली आरोपियों तक पहुंची। पुलिस की जांच जारी है। जांच में सामने आया कि गिरोह का मास्टरमाइंड विपिन है। इसने खुद के अलावा अपने परिजनों को भी इसी काम में लगाया था। ठगी मामले में इसके दो भाई भी शामिल है। परिजनों के आधार कार्ड से फर्जी सिम बेचता था, जो सिम बंद हो जाता था, उसे जला देता था। गिरोह में अभी कौन-कौन शामिल है, वह भी पुलिस की रडार पर है।
उधर, एएसपी मनोज कुमार यादव का कहना है कि फर्जी सिम मामले में अभी पुलिस की जांच जारी है, जिन आठ लोगों पर कार्रवाई हुई है, उनके खिलाफ चार्जशीट लगाने की तैयारी चल रही है।