जानलेवा डेंगू बुखार से शेरमऊ शुगर मिल में कार्यरत वरिष्ठ अधिकारी की इलाज के दौरान मौत हो गई। मलेरिया एवं वायरल बुखार के साथ ही डेंगू की दस्तक से क्षेत्र में दहशत व्याप्त हो गई है। इस मौत के बाद मिल के अन्य कर्मचारी भी अपने स्वास्थ्य को लेकर काफी अलर्ट हो गए हैं।
मूल रूप से हरियाणा के जनपद कैथल निवासी 33 वर्षीय संजीव कुमार क्षेत्र की उत्तम शुगर मिल में वरिष्ठ अधिकारी के पद पर कार्यरत था। सहारनपुर की एक कालोनी में परिजनों के साथ रहे संजीव को दो सप्ताह पहले बुखार आया था। दो तीन दिन बाद ही मरीज में डेंगू जैसे लक्षण उभरने लगे।
परिजनों ने पहले एक लैब में जांच करवाई तो बताया गया कि टाइफाइड और मलेरिया के कारण मरीज की हालत गंभीर है। जब हालत में कोई सुधार नहीं हुआ तो एक अन्य चिकित्सक के यहां जांच कराई गई। परिजनों का कहना है कि इस बार जांच में डेंगू बताया गया। इसके बाद परिजन मरीज को देहरादून लेकर गए। यहां उपचार के दौरान शुक्रवार तड़के उसकी मौत हो गई।
उधर, इस बारे में जब स्वास्थ्य विभाग में संपर्क कर पता करने की कोशिश की गई तो डेंगू से जुड़े मामलों का सत्यापन कर रही जिला मलेरिया अधिकारी शिवांका गौड़ ने कहा कि उन्होंने गंगोह और शहर में पता कराया है। लेकिन अभी डेंगू के मामले की जानकारी नहीं मिली है।
उन्होंने बताया कि मरीज के परिजनों से संपर्क करने के बाद ही लैब या अन्य निजी चिकित्सकों से जानकारी जुटाई जाएगी। बता दें कि नानौता क्षेत्र के एक मरीज को भी दिल्ली के अस्पताल में डेंगू बताया गया था।
डेंगू के मरीज बताने से डर रहे चिकित्सक
सहारनपुर। वायरल, मलेरिया और टाइफाइड के साथ ही डेंगू के मरीज मिलने की सूचनाएं लगातार आ रही हैं। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से सत्यापन के नाम पर लंबी छानबीन से बचने के लिए अधिकतर निजी चिकित्सक डेंगू के मरीज बताने से डर रहे हैं। दूसरी ओर, कुछ ऐसे चिकित्सक भी हैं जो ब्लड प्लेटलेट्स की संख्या 15000 से नीचे होते ही मरीज को रेफर कर रहे हैं और ऐसे रोगियों को डेंगू बताया जा रहा है।