सहारनपुर। गर्भवती महिलाओं और बच्चों को पोषण के लिए मिलने वाले पुष्टाहार में धांधली रोकने के लिए लाभार्थियों की ई-केवाईसी कराई जा रही है। अभी तक जिले में 19 हजार लाभार्थी ऐसे हैं, जिन्होंने चेहरा पहचान प्रणाली (एफआरएस) और ई-केवाईसी को पूरा नहीं किया है। ऐसे में उन्हें मिलने वाले पोषाहार पर संकट है।
जिले में 3410 आंगनबाड़ी केंद्रों पर कुल 3.08 लाख लाभार्थी पंजीकृत हैं। इनमें से 2.77 लाख लाभार्थियों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है, जबकि 2.89 लाख लाभार्थी ऐसे हैं जिन्होंने एफआरएस और ई-केवाईसी दोनों पूरी करा ली हैं। साथ ही 2.88 लाख लाभार्थियों का चेहरा आधार से मैच हो चुका है। शेष छह फीसदी ऐसे लाभार्थी हैं, जिनकी ई-केवाईसी और एफआरएस प्रक्रिया बाकी है। पुष्टाहार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पोषण ट्रैकर एप से वितरित करेंगी।
उन्हें पुष्टाहार सामग्री वितरण करने के लाभार्थियों के साथ फोटो एप पर अपलोड करने होंगे। एप में पहले से ही लाभार्थी का चेहरा सेव रहेगा। दोनों फोटो के मिलान होने पर ही वितरण पूरा माना जाएगा।
गर्भवती और धात्री महिलाओं की एफआरएस व ई-केवाईसी स्वयं के आधार कार्ड से की जा रही है। जिन लाभार्थियों के पास आधार कार्ड नहीं है। वह स्वयं ही लाभ से वंचित हो जाएगी। इसके अलावा छह महीने से तीन वर्ष के बच्चों को लाभ देने के लिए उनके माता-पिता या अभिभावकों से एफआरएस कराकर पुष्टाहार का लाभ दिया जा रहा है।
उधर, जिला कार्यक्रम अधिकारी दुर्गेश प्रताप सिंह ने बताया कि सभी लाभार्थी अपनी ई-केवाईसी अवश्य करा लें। अन्यथा उन्हें पोषाहार का वितरण नहीं होगा।