सहारनपुर। 70 करोड़ रुपये के नकली सिक्के बाजार में खपाने वाले गिरोह से जुड़े आरोपी को शहर कोतवाली ने गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान सामने आया कि आरोपी पहले दिल्ली से जेल जा चुका है। तिहाड़ जेल में उसकी मुलाकात गिरोह के सरगना उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह हुई थी। उसे बिहार में नकली सिक्के सप्लाई करने की जिम्मेदारी मिली थी।
13 सितंबर को शहर कोतवाली पुलिस ने नकली सिक्के बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया था। पुलिस ने गिरोह के मुख्य सरगना उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह, हिमांशु उर्फ गुल्लू, कुलदीप, संतोष चौरसिया उर्फ जनार्दन और अनुराग पाल उर्फ लंकेश को गिरफ्तार किया था। इस मामले में पुलिस ने आरोपी संतोष चौरसिया के भाई मिथलेश चौरसिया को भी नामजद किया था, लेकिन तब वह पकड़ में नहीं आया था। इसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें बिहार के अलग-अलग जिलों में दबिश दे रही थी।
बिहार में मधुबनी जिले के गांव लड्डूगांव निवासी आरोपी मिथलेश चौरसिया को पुलिस ने उसी के गांव से पकड़ा। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि गिरोह में उसका काम नकली सिक्कों की सप्लाई करना था। बिहार में सिक्के पहुंचाने की जिम्मेदारी उसी के पास थी। गिरोह के नकली सिक्के बाजारों, पेट्रोल पंपों और टोल प्लाजा पर चलाए जाते थे। एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि पुलिस मामले में गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और उसकी गतिविधियों के संबंध में जांच कर रही है।