सहारनपुर। शेखुल हिंद मौलाना महमूद हसन मेडिकल कॉलेज में वित्तीय वर्ष 2018-19 में हुए स्टेशनरी घोटाले की जांच धीमी है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने अपर आयुक्त प्रशासन सहारनपुर मंडल को पत्र लिखकर स्टेशनरी घोटाले की मूल पत्रावलियां मांगी हैं। इसके बाद ही जांच कर शासन को रिपोर्ट भेजी जा सकेंगी।
बता दें, कि अंबाला रोड स्थित शेखुल हिंद मौलाना महमूद हसन मेडिकल कॉलेज में नवंबर 2018 में करीब 51 लाख रुपये की स्टेशनरी और कंटीजेंसी के सामान खरीदने के ऑर्डर कर खरीद हुआ था। स्टेशनरी खरीद की जांच हुई तो पता चला कि लिफाफे से लेकर अन्य सामान कई गुना कीमत पर खरीदा गया। इस मामले की जांच के लिए शासन ने तत्कालीन मंडलायुक्त को नामित किया था। समिति बनाकर जांच कराई थी। टीम ने मेडिकल कॉलेज से स्टेशनरी खरीद की मूल पत्रावलियां मांगी गई थी, जो उपलब्ध कराई थी। इस मामले में पिछले महीने ही शासन ने दोबारा अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को जांच सौंपी।
वित्तीय अनियमितता के आरोप में प्रथम दृष्टया राजकीय मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. नितिन जैन व डॉ. मैनपाल दोषी माना गया था। दोनों अपना-अपना पक्ष दे चुके हैं। 13 जनवरी को एडी हेल्थ ने मेडिकल कॉलेज प्राचार्य को पत्र लिखकर तीन दिन में अभिलेख मांगे थे, ताकि समय पर जांच कर रिपोर्ट शासन को भेजी जा सकें, लेकिन अभी तक मेडिकल कॉलेज प्रशासन की तरफ से कोई अभिलेख नहीं आए हैं। अब मेडिकल कॉलेज ने अपर आयुक्त प्रशासन सहारनपुर मंडल को पत्र लिखा है और स्टेशनरी खरीद किए जाने से संबंधित सभी मूल पत्रावलियां वापस मांगी है, जो एडी हेल्थ कार्यालय को उपलब्ध कराई जा सकें।
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वित्त नियंत्रक ने की थी जांच
नौ अगस्त 2019 में वित्त नियंत्रक ने स्टेशनरी खरीद की जांच की थी। इसमें पाया गया कि सफेद कागज का रिम 693 रुपये, कार्बन पेपर का पैकेट 434, स्टांप पैड इंक 154 रुपये, कंप्यूटर पेपरों की 7540 रुपये में खरीद हुई थी।
मेडिकल कॉलेज में स्टेशनरी खरीद मामले की जांच चल रही है। इस संबंध में स्टेशनरी खरीद से संबंधित अभिलेख मांगे गए थे, जो अभी तक प्राप्त नहीं हुए हैं। अभिलेख आने के बाद ही जांच होगी। उसके बाद रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी जाएगी।
- डॉ. रामानंद, एडी हेल्थ
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स्टेशनरी खरीद से संबंधित अभिलेख मांगे गए हैं। अभी जांच चल रही है। जल्द ही अभिलेखों को उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि जांच प्रभावित न हो सके।
- डॉ. सुधीर राठी, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज