ग्रहण के चलते दिल्ली रोड स्थित महादेव मंदिर के बंद कपाट।
सहारनपुर। वर्ष का पहला चंद्रग्रहण मंगलवार को लगा, जिसका असर देखा गया। महानगर के मंदिरों के कपाट बंद रहे। सूतक काल सुबह 6:20 बजे से शुरू हुआ, जो शाम करीब सात बजे तक रहा।
ज्योतिषाचार्य अमित चतुर्वेदी ने बताया कि ग्रहण की अवधि के दौरान पूजा पाठ और धार्मिक अनुष्ठान वर्जित होते हैं। इस अवधि में खाना-पीना भी वर्जित माना गया है। उन्होंने बताया कि वैसे तो ग्रहण दोपहर 3:20 बजे से शुरू हुआ। ग्रहण की समाप्ति 6:47 बजे हुई। जिले भी भी करीब 25 मिनट की अवधि ग्रहण की रही। मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के प्रभाव को कम करने के लिए खाने-पीने की चीजों में तुलसी का पत्ता डालना चाहिए।
ग्रहण के चलते महानगर के श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर, श्री बागेश्वर महादेव मंदिर, हरि मंदिर, पातालेश्वर महादेव मंदिर, पाठेश्वर महादेव मंदिर समेत सभी मंदिरों के कपाट बंद रहे। विज्ञान में सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण खगोलीय घटना है। जब सूरज, पृथ्वी और चंद्रमा सीधी लाइन में आ जाते हैं और पृथ्वी बीच में होती है तो पृथ्वी की छाया चांद पर पड़ती है। यही छाया चंद्र ग्रहण कहलाती है। इसी तरह की घटना जब सूर्य के साथ होती है तो वह सूर्य ग्रहण होता है।