सहारनपुर। बीते सात साल में जनपद में इस बार सबसे कम बारिश हुई है। कम बारिश होने का सबसे अधिक नुकसान किसानों को उठाना पड़ रहा है, जिन्हें सिंचाई के लिए नलकूप चलाने पड़ रहे हैं।
साल 2023 में जनवरी से अगस्त तक 1,775.5 एमएम बारिश हुई थी, जो अत्यधिक थी। लेकिन इस बार बारिश उतनी ही कम हुई है। लोग बारिश को तरस से गए हैं। भाकियू के वरिष्ठ नेता चौधरी अशोक कुमार का कहना है कि इस बार बारिश ने किसानों को तरसा दिया है। किसान नेता मुकेश तोमर का कहना है कि इस बार नहरों में भी पर्याप्त पानी नहीं मिला है। नलकूपों से सिंचाई करने में लागत बढ़ रही है। मौसम वैधशाला मिर्जापुर के प्रभारी अमीर आलम ने बताया कि उनके पास सात साल के जो आंकड़ें हैं उनमें इस बार बारिश सबसे कम है।
- हथिनीकुंड बैराज पर भी घटा जल स्तर
बरसात के दिनों में हथिनीकुंड बैराज पानी से लबालब रहता था, लेकिन इस बार हथिनीकुंड बैराज तक में पानी का स्तर घटा है। मई और जून में यमुना में पर्याप्त पानी नहीं छोड़े जाने के कारण सहारनपुर से लेकर शामली तक सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं था। इसको लेकर किसानों को धरने तक देने पड़े थे। अब भी पहाड़ों पर कम बारिश से यमुना में उस स्तर पर पानी नहीं है, जिस स्तर पर होना चाहिए।
- सात वर्ष का अगस्त तक का आंकड़ा
वर्ष जनवरी से अगस्त तक बारिश (एमएम में)
2024 730
2023 1775.5
2022 1033
2021 935
2020 1176.7
2019 821
2018 1191
2017 1383.5