नागल (सहारनपुर)। गांव साधारणसिर के पूर्व प्रधान एवं उसके पोते को दरोगा ने थाने में लाकर पिटाई कर दी। इससे गुस्साए लोगों ने भाकियू एवं सपा नेता के नेतृत्व में थाने का घेराव करते हुए धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों की मांग थी कि दरोगा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसे तत्काल निलंबित किया जाए।
बृहस्पतिवार शाम नागल थाने के गांव साधारणसिर के पूर्व प्रधान सुरेश राणा अपने पोते अंकित राणा के साथ अपने घर में लेटे थे। तभी थाने के दरोगा प्रेमपाल धामा कुछ पुलिसकर्मियों के साथ उनके यहां पहुंचे। उन्होंने वहां चार बाइक खड़ी करने की वजह पूछी। इस पर पूर्व प्रधान ने दो बाइक अपनी बताते हुए दो बाइक को अन्य की बताया। आरोप है कि दरोगा भड़क उठे और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए दादा पोते को थाने ले आए। पूर्व प्रधान का आरोप है कि दरोगा ने पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर दूसरे कमरे में ले जाकर उसके पोते अंकित राणा की पिटाई की और उसे भी थप्पड़ मारे। इसकी खबर ग्रामीणों को लगी तो वे बड़ी संख्या में पूर्व प्रधान के छोटे भाई सपा नेता जितेंद्र राणा उर्फ बाबा एवं भाकियू प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी विनय कुमार के नेतृत्व में नारेबाजी करते हुए थाने पहुंच गए।
घेराव प्रदर्शन करते हुए दरी बिछाकर धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि जब तक दरोगा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसके निलंबित नहीं किया जाता तब तक वे वहां से नहीं उठेंगे। थाना प्रभारी कृष्ण पाल सिंह का कहना है कि मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में है। धरने में मुख्य रूप से कुशल पाल प्रधान, राजपाल सिंह प्रधान, अमित मुखिया, योगेंद्र राणा ,विनय राणा, देवेंद्र राणा, रामवीर सिंह, अब्दुलवाहब, गय्यूर, शेखर राणा, शिवम राणा, देवेश राणा, संजय समेत सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे। देर रात तक प्रदर्शनकारी धरने पर डटे थे।
डीआईजी को दी मामले की जानकारी
धरने पर मौजूद भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी विनय कुमार ने डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल को कॉल करके इस घटना की जानकारी दी। डीआईजी ने उनसे कहा कि यदि मामले की जांच कराई जाएगी और यदि दरोगा का दोष मिलता है तो कार्रवाई होगी।
नागल में पुलिस का घेराव करते ग्रामीण- फोटो : SAHARANPUR