सहारनपुर। सावन का महीना शुरू हो गया है। हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लाने के लिए शिवभक्तों ने अपनी यात्रा शुरू कर दी है। वहीं इस बार गंगाजल लाने के लिए बर्तन(घड़ों) पर महंगाई की मार है। सबसे अधिक मांग वाले 11 लीटर क्षमता के घड़े के दामों में 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
महानगर के बर्तन बाजार में शिवरात्रि और कांवड़ यात्रा को लेकर खरीदारी की जा रही है। बर्तनों पर इस बार महंगाई की मार है। स्टील से लेकर तांबे और पीतल के बर्तनों के दाम बढ़े हैं। सावन के दिनों में भगवान को जल अर्पित करने के लिए जलकलश की खरीदारी होती है। बर्तनों के दामों में पिछले वर्ष के मुकाबले 20 से 30 फीसदी की वृद्धि हुई है। बर्तन व्यापारी राजीव सिंघल ने बताया कि धातु के दामों में वृद्धि हुई है। पहले ईरान-अमेरिका युद्ध और फिर बाद में डीजल के दाम बढ़ने से ढुलाई महंगी हुई है। ऐसे में स्टील से लेकर पीतल और तांबे के बर्तनों के दाम बढ़े हैं। सावन के महीने में शिवभक्त जलाभिषेक के लिए 11 लीटर क्षमता वाले बर्तन अधिक पसंद करते हैं।
इसके साथ कई भक्तों की 31 लीटर वाले बर्तन भी पहली पसंद है। सवा किलो वाले घड़े के दाम करीब चार सौ रुपये के आसपास है। इसी तरह बर्तन के वजन के हिसाब से घड़ों के दाम निर्धारित है। शिवभक्तों के लिए इस बार डिजाइनदार घड़े भी बाजार में आए हैं। बर्तन व्यापारी सुनील गोयल ने बताया कि सावन के महीने में गंगाजल लाने के लिए शिवभक्त 11 लीटर और 31 लीटर वाले बर्तनों की अधिक खरीदारी करते हैं। दाम पिछले वर्ष के मुकाबले 30 फीसदी बढ़े हैं।