सहारनपुर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का बिगुल बज चुका है। शासन ने जिला पंचायत अध्यक्ष से लेकर ग्राम प्रधान पद पर होने वाले आरक्षण का फार्मूला तैयार कर लिया है, जिसका शासनादेश भी जारी हो गया है। इस पर जिला प्रशासन ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। उम्मीद है कि आज से आरक्षण के फार्मूले के अनुसार मसौदा तैयार होगा। आरक्षण के फार्मूले का शासनादेश जारी होते ही चुनाव की तैयारी में लगे दावेदारों की धड़कनें भी बढ़ गई हैं। लोग यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि उनकी सीट पर आरक्षण की स्थिति क्या रहेगी।
दरअसल, शासन ने जो फार्मूला बनाया है, उस लिहाज से जिला प्रशासन को ग्राम पंचायत में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, सामान्य और इन वर्गों में महिलाओं की जनसंख्या का आंकड़ा तैयार करना है। क्योंकि हर वर्ग की जनसंख्या के आधार पर ही शासन द्वारा निर्धारित फार्मूले के अनुसार आरक्षण का निर्धारण किया जाना है। आरक्षण के लिए जिला स्तर पर गठित समिति में जिलाधिकारी अध्यक्ष होंगे, जबकि मुख्य विकास अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी और अपर मुख्याधिकारी सदस्य हैं। इस समिति को ही आपत्तियों का निस्तारण करना है।
उधर, जैसे ही लोगों को यह पता चला कि शासन ने आरक्षण के संबंध में शासनादेश जारी कर दिया है तो, चुनाव के दावेदार अपने राजनीतिक आकाओं से आरक्षण की स्थिति जानने को प्रयास में जुट गए। यह बात अलग है कि अभी आरक्षण घोषित होने में समय लगेगा।
--- 1995 में अनुसूचित के लिए आरक्षित था जिला पंचायत अध्यक्ष पद
सहारनपुर। जिला पंचायत के कुल 49 सदस्य हैं। बीते कार्यकाल में इनमें से 10 पद अनुसचित जाति के लिए आरक्षित रहे। वहीं, जिला पंचायत अध्यक्ष पद 1995 में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित रहा था। उसके बाद ज्यादातर बार अन्य पिछड़ी वर्ग के लिए आरक्षित रहा। माना जा रहा है कि इस बार जिला पंचायत अध्यक्ष के पद का आरक्षण बदल जाएगा।
जिले की स्थिति
पद ------------------------- संख्या
ग्राम प्रधान ---------------- 884
ग्राम पंचायत सदस्य ----- 11210
क्षेत्र पंचायत सदस्य ------ 1206
जिला पंचायत सदस्य ----- 49
क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष ----- 11
कुल मतदाता ---------- 18,55,054
पंचायत चुनाव में आरक्षण के लिए शासनादेश जारी हुआ है। शुक्रवार को इस बारे में समिति में शामिल सदस्यों के साथ मीटिंग कर तैयारी शुरू कराई जाएगी। -- अखिलेश सिंह, जिलाधिकारी