सहारनपुर। योजनाओं के क्रियान्वयन में सहारनपुर जनपद सात पायदान नीचे लुढ़क गया। इसमें स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों की कई योजनाओं की धीमी प्रगति कारण रही। ऐसी योजनाओं को चयनित कर नए सिरे से कार्ययोजना बनाकर कवायद की जा रही है, ताकि रैंकिंग में जनपद की स्थिति में सुधार हो सके।
शासन स्तर से हर महीने जनपदों की रैंकिंग जारी की जा रही है। केंद्र तथा प्रदेश सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर जिलों को रैंक दी जाती है। नवंबर माह में सहारनपुर जिले की रैंक 22 थी, जो दिसंबर माह में 29 वें पायदान पर पहुंच गई। दिसंबर में 305 अंकों में जिले को महज 184 अंक मिल पाए। रैंकिंग जारी होने के बाद उच्चाधिकारियों ने इसको लेकर मंथन किया। पता चला कि टीबी रोगियों का पंजीकरण, गोल्डन कार्ड बनाने और परिवार नियोजन के तहत शिविर लगाने सहित स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की प्रगति धीमी रही। इसी तरह कुछ अन्य योजनाएं भी रहीं, जिनमें लक्ष्य प्राप्त करने में कमी रही।
इन योजनाओं में मिले पांच में से पांच अंक
राष्ट्रीय औद्यानिक मिशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना, नहरों में टेल तक पानी पहुंचाना, कौशल विकास मिशन, निराश्रित गोवंश का संरक्षण, मनरेगा, एनआरएलएम, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल मिशन, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, सामाजिक वनीकरण, हैंडपंप रीबोर आदि।
इनमें पांच में से सिर्फ दो अंक मिले
विद्यालयों का निरीक्षण, राज्य पोषित छात्रवृत्ति योजनाएं, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना, ऑपरेशन कायाकल्प, पशु टीकाकरण, कन्या सुमंगला योजना, पशुओं की ईयर टैगिंग, राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल मिशन और सामुदायिक शौचालय निर्माण।
इन योजनाओं में मिला शून्य
मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार सृजन योजना, आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड योजना, सहकारी देयकों एवं एनपीए की वसूली, शादी अनुदान योजना, ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन निर्माण, मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) आदि।
योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने और पारदर्शी ढंग से कार्य कराया जा रहा है। जिन योजनाओं के क्रियान्वयन में रफ्तार धीमी रही और रैंकिंग में गिरावट आई है, उनमें सुधार कराया जा रहा है। नए सिरे से कार्ययोजना बनाकर कार्य कराया जा रहा है, ताकि रैंकिंग में सुधार आए। - अखिलेश सिंह, जिलाधिकारी।