सहारनपुर के देवबंद में ट्रेनी एसआई कुलदीप कुमार की आत्महत्या के मामले में रविवार को मेरठ पुलिस की जांच टीम देवबंद पहुंची। टीम ने एसआई के कमरे की सील खुलवाते हुए घंटों बारीकी से जांच की। जबकि फोरेंसिक टीम ने कमरे से कई नमूने लिए।
इस दौरान टीम ने कई लोगों के कलमबंद बयान भी लिए। हालांकि इस दौरान वहां मौजूद कुलदीप कुमार की पत्नी शिल्पी ने पुलिस अधिकारियों पर एक तरफा कार्रवाई करने व जांच को प्रभावित करने का आरोप भी लगाया है।
देवबंद कोतवाली में तैनात एसआई कुलदीप कुमार की मौत की जांच मेरठ स्थानांतरित होने के बाद रविवार को निरीक्षक प्रमोद गौतम के नेतृत्व में जांच टीम देवबंद पहुंची।
18 दिन के बाद कुलदीप कुमार के कमरे में लगी सील को टीम ने खुलवाया और वहां घंटों बारीकी से जांच की। इस दौरान फोरेंसिक टीम ने कई नमूने भी लिए। टीम ने कुलदीप कुमार के शव को दरवाजा तोड़कर बाहर निकाले जाने वाले बयान का भी डेमो किया।
इससे पूर्व प्रमोद गौतम ने कोतवाली में मृतक कुलदीप द्वारा मरने से पूर्व लिखा गया सुसाइड नोट खोलकर उसकी जांच की तथा साथ आए पिता अशोक कुमार व पत्नी शिल्पी समेत परिजनों को एसआई का मोबाइल दिखाते हुए उनके बयान दर्ज किए। निरीक्षक प्रमोद गौतम ने बताया कि एक्सपर्ट व सहारनपुर की फोरेंसिक टीम ने बारीकी से कमरे का निरीक्षण किया तथा सभी के बयान लिए हैं।
जल्द ही रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी। बता दें कि 31 जनवरी को एसआई कुलदीप कुमार का शव रेलवे रोड स्थित किराये के कमरे में फंदे पर लटका मिला था। इससे पूर्व कुलदीप द्वारा परिजनों और अधिकारियों को भेजी गई ऑडियो रिकॉर्डिंग में तत्कालीन कोतवाल अभिषेक सिरोही पर शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाया गया था। जिसके बाद उच्चाधिकारियों के आदेश पर मृतक की पत्नी शिल्पी की तहरीर पर अभिषेक सिरोही के विरुद्ध देवबंद कोतवाली में हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
दलाल और चाय वालों के बयान दर्ज किए : शिल्पी
देवबंद। मृतक एसआई कुलदीप कुमार की मौत की जांच करने पहुंची टीम के द्वारा लोगों के बयान दर्ज किए जाने पर मृतक दरोगा की पत्नी शिल्पी ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। आरोप लगाया कि जांच टीम उनकी गवाही नहीं सुन रही, बल्कि दलालों और चाय वालों के बयान दर्ज कर रही है।
मीडिया से बात करते हुए शिल्पी ने कहा कि जांच टीम के सदस्य जो गवाही हम दे रहे हैं वो नहीं सुन रही है। वह केवल अपने लिए जो विवेचना बनानी है, उसके लिए तैयारी कर रहे हैं। कहा कि जब हम लोग कोतवाली गए तो वहां पुलिस ने एक दलाल लाकर बैठा दिया। जिसने रटे रटाए अंदाज में कहा कि एसएचओ बहुत अच्छा आदमी है और कुलदीप कुमार के साथ कोई बदतमीजी नहीं की। जबकि हम जो कह रहे हैं हमारी बात पर कोई तवज्जो नहीं दी गई। इसलिए लग नहीं रहा कि जो जांच हो रही है वह निष्पक्ष हो पाएगी। शिल्पी ने यह भी कहा कि मेरे पति को इस हद तक टार्चर किया गया कि उन्हें यह कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा। अब जांच हो रही है तो अपने हिसाब से पढ़ाए हुए लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
जांच टीम के आने से पूर्व मृतक के कमरे के ईद गिर्द घूमते रहे पुलिस मित्र
देवबंद। मृतक दरोगा कुलदीप कुमार की मौत की जांच करने देवबंद पहुंची मेरठ की टीम के आने से पूर्व ही दरोगा के कमरे के इर्द गिर्द पुलिस मित्र घूमते दिखाई दिए। आरोप है कि टीम ने पहुंचने के बाद इन्हीं लोगों में से कुछेक के बयान भी दर्ज किए।
पत्नी वर्दी तो पिता टूटी घड़ी उठाकर फूट-फूटकर रोए
देवबंद। मेरठ से आई जांच टीम जब मृतक कुलदीप कुमार के कमरे पर पहुंची तो उनके साथ पत्नी शिल्पी व पिता अशोक भी मौजूद थे। जैसे ही वह कमरे पर पहुंचे तो शिल्पी ने बाहर लटकी पति की वर्दी देखते ही उसे हाथों में उठा लिया और रोने लगी। जबकि पिता अशोक कुमार ने कमरे के भीतर पड़ी बेटे की टूटी हुई घड़ी हाथ में उठाई तो उसकी आंखें नम हो गई। जिन्हें वहां मौजूद लोगों ने संभाला।