राधा विहार में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में प्रवचन करते स्वामी कालेंद्रानंद महाराज
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सहारनपुर। राधा विहार स्थित महाशक्ति पीठ वैष्णवी महाकाली मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत में स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने कहा कि कुल का उद्धार और पित्रों को मोक्ष प्रदान कराना जीव का प्रथम कर्तव्य है।
श्री रामकृष्ण विवेकानंद संस्थान के तत्वावधान में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में मुख्य यजमान संजय मित्तल और दिनेश ठाकुर ने परिवार सहित श्रीमद्भागवत महापुराण का विधिवत पूजन कर कथा व्यास स्वामी कालेंद्रानंद महाराज को तिलक कर आशीर्वाद लिया। पंडित ऋषभ शर्मा व योगेश तिवारी ने पूजन कराया। स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने कहा कि जीव प्रथम ऋण ही पितृ ऋण होता है। श्रीमद्भागवत महापुराण का अमरतत्व रसपान कर पित्र मोक्ष प्राप्त कर भगवान विष्णु के चरणों में वास करते हैं। जो जीव श्री हरि शरण में समर्पित भाव से भक्ति करते है, भगवान उनके कुल का उद्धार करते हैं।
इस दौरान अरुण स्वामी, संजय मित्तल, मेहरचंद जैन, राजेंद्र धीमान, अश्वनी कांबोज, राजकुमार अरोड़ा, वर्षा, किरण, बाला, गीता, ललतेश, कमलेश, रेखा, पूनम मौजूद रहे।