यातायात माह के पहले ही दिन पूरा शहर जाम की भेंट चढ़ गया। शहर की हर सड़क, हर चौराहे, हर तिराहे पर जाम ही जाम नजर आया। यातायात व्यवस्था सुधरने की बजाय बिगड़ती ही चली गई। दोपहर बाद शहर को जाम से कुछ हद तक मुक्ति मिल सकी। लोगों को दिन भर भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
यातायात पुलिस के शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने के दावे यातायात माह के पहले ही दिन फेल हो गए। चार दिन अवकाश के बाद सड़क पर भीड़ उतरी तो पूरी व्यवस्था ही फेल हो गई। एक ओर से जाम लगना शुरू हुआ तो शहर का हर चौराहा, हर तिराहा, हर सड़क जाम हो गई। यहां तक कि कोर्ट रोड, कचहरी तिराहा, कचहरी पुल, सदर थाना तिराहा, विश्वकर्मा चौक, अस्पताल पुल, बाजोरिया रोड, देहरादून चौक, घंटाघर चौक, कुतुबशेर थाना के सामने, रेलवे रोड तिराहा पर हर ओर जाम ही जाम लग गया।
दुपहिया वाहनों से लेकर रोडवेज बसें, ट्रक तक सड़कों पर खड़े हो गए। स्कूली वाहन इस जाम में फंस गए। जबकि स्कूल की छुट्टी के समय भारी वाहनों के शहर में प्रवेश पर पाबंदी है, लेकिन यह पाबंदी यातायात माह के पहले ही दिन बेमानी साबित हुई। बच्चे जाम में ऐसे फंसे कि एक-एक घंटा देरी से घर पहुंचे। बसों के जाम में फंस जाने से यात्री भी बेहाल हो गए। लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर के लोग गलियों में रास्ते तलाशते रहे।
जाम नहीं यातायात धीमा हुआ
सहारनपुर। पुलिस अधीक्षक यातायात ओमवीर सिंह का कहना है कि शहर में जाम तो नहीं लगता, लेकिन कई स्थानों पर ट्रैफिक बढ़ जाने से एवं सड़क पर डिवाइडर कट के चलते यातायात काफी धीमा हो जाता है।
भारी ट्रैफिक को निकालने की कोई व्यवस्था नहीं है।
राजमार्ग होने के कारण वाहनों को यहां से निकलना पड़ रहा है। बाईपास होता तो शहर के जाम से मुक्ति मिल सकती थी। इसके सुधार का प्रयास किया जा रहा है।