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दुश्मनी से कई गुना खतरनाक हैं सड़कें

Thu, 03 Nov 2016 01:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
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यहां रंजिश में लोगों का इतना खून नहीं बहा, जितना सड़कों पर बह गया। दु्श्मनी से कई गुना अधिक खतरनाक हो गईं हैं सहारनपुर की सड़कें। अब तक जिले में सड़क दुर्घटनाओं में 206 लोगों की मौतें हो चुकीं हैं, जबकि हत्याओं के मामले 60 हैं।
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सहारनपुर की सड़कों पर यात्रा करना कितना खतरनाक साबित हो रहा है, यह यातायात पुलिस द्वारा तैयार किए गए आंकड़ों में साफ पता चल रहा है। हालांकि यातायात पुलिस इन आंकड़ों को यातायात के नियमों का उल्लंघन करने पर हो रहीं दुर्घटनाएं मान रही है, लेकिन वास्तविकता यह है कि सहारनपुर की सड़क पर जरा सी लापरवाही सीधे अस्पताल का रास्ता दिखा रही है।

तेज रफ्तार और यातायात के नियमों को ताक पर रखना भी दुर्घटनाओं का कारण माना जा रहा है। लेकिन इससे भी अधिक महत्वपूर्ण सड़कों की हालत है। सड़कें न तो रफ्तार के लायक हैं और न ही अधिक ट्रैफिक के। जिले में सड़क दुर्घटनाओं में हर माह लगभग 21 लोगों की मौत का औसत आ रहा है।
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जो पिछले वर्ष की अपेक्षा अधिक है। पिछले पूरे वर्ष में 80 हत्याओं के मामले दर्ज हुए, जबकि सड़क दुर्घटनाएं 240 हुईं। इस बार अक्तूबर तक 60 हत्याओं के मामले दर्ज हुए हैं जबकि सड़क दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या 206 हो चुकी है।

युवा एवं बाइकर्स की संख्या अधिक ः सहारनपुर। यातायात पुलिस के अनुसार सड़क दुर्घटनाओं में मौतों का आंकड़ा युवाओं पर भारी पड़ रहा है। 54 प्रतिशत मौतें 14 से 35 वर्ष के आयु वर्ग की हैं। इनमें से 53 प्रतिशत दुर्घटनाएं दुपहिया वाहनों की हैं। ट्रैक्टर ट्रालियां भी दुर्घटनाओं की मुख्य वजह बने हुए हैं।

यातायात के नियमों का उल्लंघन है खतरनाक
सहारनपुर। एसपी ट्रैफिक ओमवीर सिंह का कहना है कि दुपहिया एवं युवा ही अधिक दुर्घटना का शिकार हुए हैं। इसके अलावा ट्रैक्टर ट्राली से भी दुर्घटनाओं की संख्या काफी अधिक है। उन्होंने दिन में शहर के अंदर ट्रैक्टर ट्राली के प्रवेश पर पाबंदी लगा रखी है। इसका सख्ती से पालन कराया जा रहा है। लोग यातायात के नियमों का पालन करें तो दुर्घटनाओं की संख्या काफी कम हो सकती है।
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