बेहट पहुंचा एटा का रहने वाला मजदूर परिवार
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर (बेहट)। मकान मालिक ने घर से निकाल दिया, जेब में पैसे भी नहीं थे। ऐसे में क्या करते, कहां जाते। यह व्यथा उस मजदूर परिवार की है, जो अपनी 20 दिन की बच्ची को लेकर पैदल ही हिमाचल प्रदेश से से घर के लिए निकल पड़ा । पांच दिन पैदल चलने के बाद यह परिवार मंगलवार की सुबह बेहट पहुंचा और अपनी आपबीती सुनाई।
एटा का यह मजदूर परिवार लॉकडाउन से करीब डेढ़ माह पहले हिमाचल के सिलाई में चूना पत्थर की छटाई का कार्य करने के लिए गया था। सिलाई में किराए के मकान में रह रहे इस परिवार को पांच दिन पहले मकान मालिक ने घर से बाहर कर दिया। उसके पास न पैसे थे और न ही खाने के लिए कुछ था। पूरा परिवार सड़क पर था। परिवार के मुखिया योगेश ने बताया कि उसके साथ पत्नी पिंकी, उसकी गोद में 20 दिन की बच्ची, भाई हेमंत, बहन लक्ष्मी, पिता दलबीर सिंह थे। सोचा कि यहां मरने से बेहतर है अपने घर पहुंच जाए किसी तरह। रास्ते में किसी से पैसे मांग लिए कुछ दानवीरों ने मदद भी की और खाने के लिए भी दिए। करीब 5 दिन में वह किसी तरह 108 किमी का सफर तय करके बेहट तक पहुंचे हैं। बेहट पहुंचने पर कस्बे के कुछ लोगों ने उन्हें भोजन कराया और पुलिस ने चाय पानी की व्यवस्था की। एसएसआई सत्यवीर अत्री ने बताया कि इस परिवार को सरसावा स्थित आश्रय स्थल पर भेजने की व्यवस्था की गई है।