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दुष्कर्म के आरोपियों के एनकाउंटर को सराहा

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एडवोकेट फरहा फैज - फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। हैदराबाद की चर्चित घटना के आरोपियों को एनकाउंटर में मार गिराने लोगों में खुशी की लहर है। लोग चाय की दुकानों, चौराहों और चौपालों के साथ ही सोशल मीडिया पर इसी की चर्चा हो रही है। अमर उजाला ने शहर के प्रबुद्घ वर्ग, जिसमें सभी मजहब के लोगों के साथ ही महिलाओं से भी बात कर एनकाउंटर की कार्रवाई पर उनकी राय जानने का प्रयास किया। ज्यादातर ने एनकाउंटर की कार्रवाई का समर्थन किया है, जबकि कुछ ने इसे मानवाधिकारों का हनन बताया है। कुछ का कहना था कि पुलिस की बजाय सजा देने का निर्णय कोर्ट को ही करना चाहिए। पेश है कुछ महिलाओं से बातचीत के अंश...
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सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता फरहा फैज ने एनकाउंटर का समर्थन किया है। उनका कहना है कि हैदराबाद में महिला चिकित्सक के साथ जो हुआ ऐसा करने वालों को कतई जिंदा रहने का हक नहीं है। दो आरोपियों की माताओं ने खुद कड़ी से कड़ी सजा देने की बात कही थी, जो अच्छी पहल है। न्यायालय को चाहिए कि वह ऐसी घटनाओं में सुनवाई करते हुए त्वरित फैसला सुनाएं।
दिव्यांग बच्चों के लिए स्कूल चलाने वाली डॉक्टर रेखा कुमार ने एनकाउंटर में आरोपियों के मारे जाने को सही ठहराया। इसके साथ ही उन्होंने इसे मानवाधिकारों के विरुद्घ भी बताया। उनका कहना था कि फैसला लेने का हक कोर्ट को है। जान से मारने की बजाय यदि उनको आजीवन जेल में रखा जाता तो शायद यह उनके लिए बड़ी सजा होती, जिसमें वह जिंदगी भर प्रायश्चित करते और अपने किए पर रोते।
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स्त्री एवं प्रसूता रोग विशेषज्ञ डॉक्टर नैना मिगलानी ने हैदराबाद पुलिस की एनकाउंटर का स्वागत किया है। उनका कहना है कि कार्रवाई अपराधियों खासकर महिलाओं पर बुरी नजर रखने वालों के लिए सबक है। मगर न्यायपालिका की व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। अच्छा हो कि फास्ट ट्रैक कोर्ट के द्वारा अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।
श्री हिंदू कन्या इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य एवं समाजसेविका डॉक्टर कुदसिया अंजुम का कहना है कि यदि वास्तव में चारों आरोपी दोषी हैं तो हैदराबाद पुलिस ने बहुत अच्छा किया। मगर यह काम कोर्ट को करना चाहिए था। हमारी न्यायपालिका में सुधार लाने की जरूरत है। मामलों की सुनवाई ज्यादा लंबी नहीं खिंचनी चाहिए और त्वरित न्याय मिलना चाहिए।
महाराज सिंह कॉलेज की प्रोफेसर डॉक्टर दीपा चौहान ने हैदराबाद पुलिस की कार्रवाई को पूरी तरह जायज ठहराया है। उनका कहना है कि कुछ लोग इसे मानवाधिकार के खिलाफ बता रहे हैं, मगर उक्त आरोपियों ने घटना को जिस निर्दयता से अंजाम दिया वह माफी योग्य नहीं था। ऐसे लोगों का इससे भी बुरा हाल होना चाहिए, जिससे समाज में एक संदेश जाए।
पुरुषों का पक्ष
योग गुरु पद्मश्री भारत भूषण ने एनकाउंटर की कार्रवाई को सही ठहराया है। उनका कहना है कि देश में संविधान है, जिसके तहत न्यायपालिका चलती है। पुलिस चारों आरोपियों को पकड़कर कानूनी कार्रवाई की ही तैयारी में थी, मगर आरोपियों ने जिस प्रकार पुलिस पर हमला किया। उसमें पुलिसकर्मी भी मारे जा सकते थे। अच्छा हुआ कि पुलिस ने उन्हें ही निपटा दिया। इससे समाज में एक संदेश जाएगा।
नायब शहर काजी नदीम अख्तर ने हैदराबाद पुलिस की कार्रवाई को जायज बताया है, साथ ही तेलंगाना सरकार और पुलिस को बधाई दी। उनका कहना है कि महिलाओं के साथ दुराचार करने वालों को माफ नहीं किया जा सकता है। हैदराबाद पुलिस ने जो किया है वह नजीर बनेगा। यूपी पुलिस को भी अपने यहां के दुष्कर्मियों पर इसी तरह की कार्रवाई कर ऐसा करने वालों और करने की सोचने वालों के मन में खौफ बिठाना चाहिए।
फादर डेनियल मसीह का कहना है कि हर एक जुर्म माफ किया जा सकता है, मगर बहन और बेटियों के साथ इस तरह का अपराध माफ करने योग्य नहीं है। कोई भी समाज महिलाओं के अपमान या अत्याचार की इजाजत नहीं देता है। भविष्य में न्यायपालिका को ऐसा बनाए जाने की जरूरत है कि पुलिस को न्यायपालिका का काम नहीं करना पड़े। और देश में कानून ही का राज हो।
राघवेंद्र स्वामी का कहना है कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जिसको चलाने के लिए संविधान है। मगर यदि हैदराबाद की घटना के आरोपी वास्तव में दोषी थे तो पुलिस ने बहुत अच्छा काम किया है। देश में जहां भी इस तरह के अपराधी हैं उनके साथ भी ऐसा ही होना चाहिए। मगर साथ ही हमें फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था को बेहतर बनाना होगा, जिससे कानून का राज कायम रहे।
श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा के हेड ग्रंथी भाई वीर सिंह ने हैदराबाद की घटना के आरोपियों के एनकाउंटर को सही ठहराया है। उनका कहना है कि पुलिस की इस कार्रवाई से देश भर में एक संदेश गया है। हम सभी को महिलाओं और बेटियों की इज्जत करनी चाहिए। यदि हम किसी की बेटी की रक्षा करते हैं तो निश्चित रूप से दूसरी जगह कोई व्यक्ति हमारी बेटी की रक्षा करता होगा।

हेड ग्रंथी भाई वीर सिंह- फोटो : SAHARANPUR

नदीम अख्तर- फोटो : SAHARANPUR

फादर डेनियल मसीह- फोटो : SAHARANPUR

डॉ रेखा कुमार- फोटो : SAHARANPUR

पदमश्री भारत भूषण- फोटो : SAHARANPUR

राधवेन्द्र स्वामी- फोटो : SAHARANPUR

दीपा चौहान- फोटो : SAHARANPUR

प्रधानाचार्य कुदसिया अंजुम- फोटो : SAHARANPUR

डॉ नैना मिगलानी- फोटो : SAHARANPUR

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