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हाथी ने पटक-पटक कर मार डाला

Mon, 09 May 2016 12:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बेहट
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नसीम का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बेहाल कर रही गर्मी ने जंगली जानवरों को खूंखार कर दिया है। चारे व पानी की तलाश में भटककर जंगल से बाहर निकले एक हाथी ने शिवालिक वन रेंज की बड़कलां खोल में मवेशियों को पानी पिला रहे खुवाशपुर गांव निवासी युवक को पटक-पटक  कर मौत के घाट उतार दिया। सूचना मिलने पर थाना मिर्जापुर पुलिस ने गांव पहुंचकर शव का पंचनामा भरा। 
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शिवालिक जंगल से सटे खुवाशपुर गांव निवासी नसीम (28) पुत्र अब्बल हसन उर्फ बुद्धू रविवार की सुबह करीब सात बजे शाकंभरी वन रेंज क्षेत्र की बड़कलां खोल में मवेशियों को पानी पिलाने के लिए लेकर गया था। जंगल से निकल कर आए एक खूंखार हो चुके हाथी ने नसीम पर हमला कर दिया। उसके चीखने की आवाज सुनकर पास में ही स्थित फार्म हाउस पर रहने वाला रुस्तम बाहर आया। 

बकौल रुस्तम, हाथी ने कई बार नसीम को जमीन पर पटका। उसने तुरंत इसकी सूचना खुवाशपुर गांव में दी। जब तक ग्रामीणों की भीड़ मौके पर पहुंची। हाथी नसीम को मौत के घाट उतारने के बाद जंगल की तरफ जा चुका था। ग्रामीण शव को उठाकर गांव ले आए।
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सूचना मिलते ही थाना मिर्जापुर पुलिस मृतक नसीम के घर पहुंची और शव का पंचनामे की कार्रवाई की। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया, जिसके बाद पुलिस लौट आई। एमएलसी महमूद अली, पूर्व विधायक इमरान मसूद, पूर्व ब्लाक प्रमुख राव लईक अहमद आदि ने खुवाशपुर पहुंचकर मृतक के परिवार को सांत्वना दी और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। 

भूख और प्यास से खूंखार हो रहे जंगली जानवर
बेहट। शिवालिक जंगल में पानी की किल्लत से हलकान जंगली जानवर आबादी की ओर रुख कर रहे, जो खूंखार साबित हो रहे है। वन विभाग के अधिकारियों का मानना है, कि भीषण गर्मी में भूख और प्यास से बेहाल जानवरों का स्वभाव हमलावर हो रहा है। बता दें भीषण गर्मी में शिवालिक जंगल में पानी की जबरदस्त किल्लत बनी हुई है।

प्राकृतिक जलस्रोत लगभग सूख चुके है। वन विभाग द्वारा बनाए गए वाटर होज में भी पानी की बूंद नहीं है। हालांकि वन विभाग के अधिकारी वाटर होज में टैंकरों से पानी डलवाने की बात कह रहे है, लेकिन वह पानी नाकाफी है। वन विभाग के अधिकारियों की मानें तो भूख और प्यास से जानवरों का स्वभाव हमलावर हो रहा है।

रेंजर शाकंभरी देवी आरएन किमौटी ने बताया कि जंगल में बनाए गए वाटर होज सूख गए है। कुछ हौज में टैंकरों से पानी ड़लवाया जा रहा है, लेकिन भीषण गर्मी में सूखा जाता है।
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