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Saharanpur News: ज्ञान की इमारत को चाहिए किताबों का सहारा

Wed, 17 Jun 2026 01:12 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
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देवबंद(सहारनपुर)। इस्लामी शिक्षण संस्था दारुल उलूम ने अपनी नई अत्याधुनिक लाइब्रेरी को ज्ञान का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में देशवासियों से पुस्तक दान करने की अपील की है। संस्था का लक्ष्य नई लाइब्रेरी में 10 लाख से अधिक पुस्तकों का संग्रह करना है। इसी उद्देश्य से देश-विदेश में रह रहे पूर्व छात्रों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और आम नागरिकों से अपनी उपयोगी पुस्तकें दान करने का आह्वान किया गया है। दारुल उलूम प्रशासन का मानना है कि यह लक्ष्य केवल संस्थागत संसाधनों से नहीं, बल्कि समाज के सहयोग से ही पूरा किया जा सकता है।
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दो दशक (2006) पूर्व शुरू हुए इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पर अब तक 20 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं। बहुमंजिला आधुनिक भवन को शोध, अध्ययन और दुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। वर्तमान में दारुल उलूम की पुरानी लाइब्रेरी में लगभग डेढ़ लाख पुस्तकें उपलब्ध हैं, जिन्हें नई लाइब्रेरी में स्थानांतरित किया जाना है। संस्था का मानना है कि जनसहयोग से ही दस लाख पुस्तकों के लक्ष्य को पूरा किया जा सकेगा। नई लाइब्रेरी को केवल पुस्तकों के भंडार के रूप में नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के शोध एवं अध्ययन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। यहां इस्लामी अध्ययन, अरबी, उर्दू, फारसी, इतिहास और अन्य विषयों की दुर्लभ पुस्तकों एवं दस्तावेजों को सुरक्षित रखा जाएगा। पुस्तकों की संख्या निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप होने के बाद ही नई लाइब्रेरी के उद्घाटन और संचालन की तारीख तय की जाएगी।
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चार मंजिलों में बनाई गई है लाइब्रेरी
दो लाख 62 हजार वर्ग फीट में बने सात मंजिला गोल भवन की ऊपरी चार मंजिलों में लाइब्रेरी होगी, जिसमें 10 लाख से अधिक पुस्तकें रखने की व्यवस्था की गई है, जबकि पहली मंजिल में हदीस की कक्षा चल रही हैं और दूसरी मंजिल में कन्वेंशन हाॅल बनाया गया है।
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दारुल उलूम प्रशासन लगातार लोगों से पुस्तकें दान करने की अपील कर रहा है। संख्या पूरी होने के बाद पुरानी लाइब्रेरी से सभी पुस्तकों को नई लाइब्रेरी में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
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- मौलाना शफीक, लाइब्रेरी इंचार्ज
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