स्पोर्टस कॉलेज स्थल फाइल फोटो।
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। स्पोर्ट्स कॉलेज के चालू होने का सपना इस साल यानी 2019 में भी पूरा नहीं हो सका है। कॉलेज के निर्माण की तमाम बाधाएं खत्म हो चुकी हैं। इसके बावजूद कार्य लटका हुआ है। ऐसे में स्थानीय लोग मायूस हैं।
करीब नौ वर्ष पूर्व बसपा सरकार में स्पोर्ट्स कॉलेज की सौगात मिली थी। मगर स्पोर्ट्स कॉलेज का निर्माण आज तक पूरा नहीं हो सका है। कार्य में बाधाएं आने की अनेक वजह रहीं। सबसे पहले विभाग ने जमीन को बिना हैंडओवर कराए स्पोर्ट्स कॉलेज का निर्माण शुरू करा दिया था। तत्कालीन क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी राजेश शर्मा ने तत्कालीन कमिश्नर सुरेश चंद्रा के माध्यम से जमीन को विभाग के हैंडओवर कराया था। इसके बाद निर्माण पुन: शुरू किया गया, मगर उसके बाद जमीन पर खड़े सागौन के पेड़ निर्माण में रोड़ा बन गए। पेड़ों को काटने की अनुमति नहीं मिलने की वजह से निर्माण कार्य करीब दो वर्ष तक लटका रहा। जब इंद्रवीर सिंह जिलाधिकारी थे तो स्पोर्ट्स कॉलेज की फाइल उनके सामने आई। उन्होंने इंजीनियर्स को मौके पर भेजकर रिपोर्ट मांगी। स्पोर्ट्स कॉलेज का स्थल बरसाती नदी से सटा होने की वजह से डीएम इंद्रवीर सिंह यादव ने शासन को पत्र लिखकर कॉलेज का स्थान बदलने की मांग कर दी। जुलाई 2018 में तत्कालीन डीएम पीके पांडेय ने कॉलेज का दौरा कर कॉलेज की एक साइड में खाली पड़ी 72 बीघा जमीन का चयन कॉलेज के लिए कर शासन को पत्र भेजा। शासन से हरी झंडी भी मिल गई। इसके बाद कॉलेज का नया नक्शा तैयार किया गया, जिस पर काम शुरू करने के लिए एनजीटी से एनओसी मिलनी थी। एनजीटी ने एनओसी दे दी, जिसका एक पत्र 31 मई 2019 को प्रभारी क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी प्रेम कुमार को मिला। एनजीटी ने 14 अप्रैल 2019 से 13 अप्रैल 2024 तक की एनओसी दी है। मगर 2024 तक का समय मिलने की वजह से ही शायद निर्माण पुन: शुरू करने में देरी की जा रही है।
कॉलेज के यह कार्य होने बाकी
स्पोर्ट्स कॉलेज के भवनों का करीब 40 फीसदी निर्माण पूर्ण है, जिसमें प्रशासनिक भवन भी शामिल है। खिलाड़ियों के रहने के लिए छात्रावास, मैस और जिम आदि का निर्माण किया जाना बाकी है। इनके अलावा मैदान तैयार किया जाना है। साथ ही ट्रैक भी बिछना है।
स्पोर्ट्स कॉलेज पर एनजीटी की ओर से लगी रोक करीब छह माह पहले हट चुकी है। कॉलेज का निर्माण 13 अप्रैल 2024 से पहले पूर्ण करना है। निर्माण कंपनी से लगातार संपर्क किया जा रहा है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा। शुरू होने के बाद दो वर्ष में निर्माण पूर्ण हो जाएगा, जिसके तुरंत बाद कक्षाएं संचालित की जाएंगी।
प्रेम कुमार, प्रभारी क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी।