सहारनपुर के छुटमलपुर में पावर कार्पोरेशन अफसरों की लापरवाही के कारण रविवार को एक किशोर अकाल मौत का शिकार हो गया। एचटी लाइन के खंभे से उतरे करंट से किशोर की मौंके पर मौत हो गई।
सूचना पर पहुंची पुलिस को परिजनों और ग्रामीणों ने मुबआवजे की मांग को लेकर शव नहीं उठाने दिया। करीब पांच घंटे बाद एसडीओ ने आर्थिक मदद के लिए 50 हजार रुपये का चेक दिया। तब जाकर परिजन शांत हुए।
फतेहपुर बिजलीघर से एक किलोमीटर की दूरी पर गांव गुडंब के कब्रिस्तान में एचटी लाइन के विद्युत खंभे में इंसुलेटर टूटने के कारण दो तीन दिन से करंट उतरा हुआ था।
ग्रामीणों के मुताबिक दो दिन से लगातार जेई और लाइनमैन को सूचना दी जा रही थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीण राव सम्मून के अनुसार सोमवार की सुबह 11 बजे भी इसकी सूचना खुद जेई को दी तो उन्होंने कुछ देर में ही खराबी को ठीक कराने का भरोसा दिलाया।
लेकिन समस्या जस की तस रही। इसी लापरवाही के कारण तीन बजे गांव के इंतजार का 13 साल का बेटा मुहम्मद वहां से गुजरते वक्त खंभे के करंट की चपेट में आ गया।
करंट इतना जोरदार था कि मुहम्मद के एक पैर का घुटने से नीचे का हिस्सा जल कर खत्म हो गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
आनन फानन में परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। सूचना पर एसओ राजेंद्र कुमार घटनास्थल पहुंच गए। मगर, ग्रामीणों ने बिना मुआवजा मिले शव उठने देने से इंकार कर दिया।
उनका कहना था कि ग्रामीण इंतजार गरीब है और बुग्गी चला कर किसी तरह अपना और पांच छोटे छोटे बच्चों का पेट पाल रहा है। ग्रामीण अफसरों को बुलाने की मांग कर रहे थे।
सूचना पर निगम के एसडीओ राहुल मित्तल और कांग्रेस नेता नरेश चौहान मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। एसडीओ ने मौके पर किशोर के परिजनों को निगम की ओर से 50 हजार का चेक दिया।
50 हजार रुपये मंगलवार को देने का आश्वासन दिया। इसके बाद ही ग्रामीण शांत हुए और शव उठाया। उधर, जेई फतेहपुर पवन कुमार का कहना था कि उन्हें सूचना मिली थी।
उन्होंने लाइनमैन को तकनीकी खराबी ठीक करने के लिए कह दिया था। आंधी की वजह से जगह जगह तकनीकी खराबी आई हुई है, ऐसे में लाइनमैन को गुडंब गांव पहुंचने में देर हो गई। इसी दौरान हादसा हो गया।