नगर निगम में मॉक डि्रल के दौरान घायल व्यक्ति को उ
सहारनपुर। शाम चार बजे का समय था, तभी नगर निगम परिसर बम धमाकों से दहल उठा। हर तरफ भगदड़ मच गई। सूचना मिलते ही सेना, पुलिस और सिविल डिफेंस की टीमें मौके पर पहुंचीं और घायलों को अस्पताल और राहत शिविरों में पहुंचाया। घबराइए नहीं, ऐसा वास्तव में नहीं हुआ, बल्कि पाकिस्तान के साथ चल रहे तनाव को देखते हुए युद्ध और हवाई हमलों से बचने के लिए मॉक ड्रिल का नजारा था। इसमें हमलों से बचाव के डेमो दिखाए गए।
शासन के आदेश पर जिला प्रशासन के निर्देश पर बुधवार को मॉक ड्रिल कराई गई। शाम चार बजे नगर निगम परिसर में बड़ी मॉक ड्रिल हुई। इस दौरान बमों से तीन धमाके किए गए। सायरन की आवाज सुनकर सभी लेट जाते हैं। हवाई हमलों के दौरान बचने का डेमो यहां भी दिखाया गया। हमलों में घायल नागरिकों को रस्सी के जरिए बिल्डिंग से सुरक्षित नीचे लाने का डेमो दिखाया। बम फटने से लगने वाली आग पर कैसे काबू पाया जाता है इसका भी डेमो दिखाया गया। सिविल डिफेंस के सदस्यों द्वारा घायलों को कंधों और स्ट्रेचर पर उठाकर एंबुलेंस तक ले जाने का डेमो हुआ। इस दौरान जिला प्रशासन, सेना, पुलिस, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, सिविल डिफेंस की टीमें मौजूद रही।
इससे पहले सुबह के समय नगर निगम में हुई संबंधित अधिकारियों की बैठक के बाद गुरु नानक कन्या इंटर कॉलेज और एसएएम इंटर कॉलेज में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। दोपहर 12 बजे सबसे पहले गुरुनानक कन्या इंटर कॉलेज में छात्राओं को युद्ध की स्थिति में किन बातों का ध्यान रखें बताया गया। हवाई हमलों के दौरान कानों पर हाथ रखकर जमीन पर लेटने का डेमो दिखाया गया। करीब 15 मिनट के मॉक ड्रिल में काफी चीजें समझाई गईं। इसके बाद एसएएम इंटर कॉलेज में इसी तरह से मॉक ड्रिल हुई।
सरसावा में भी हुई मॉक ड्रिल
सरसावा। शाम चार बजे ही सरसावा के डीसी जैन इंटर कॉलेज में भी मॉक ड्रिल का आयोजन हुआ। यहां भी हवाई हमलों के दौरान क्या सावधानी बरतें डेमो के जरिए दिखाया गया। यदि बम धमाकों से आग लगती है तो उसे कैसे बुझाएं इसका तरीका भी सिविल डिफेंस की टीम द्वारा सिखाया गया। इस मौके पर एसपी देहात सागर जैन, एसडीएम संगीत राघव समेत अनेक अधिकारी और नागरिक मौजूद रहे।