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ब्लाक के 138 गांवों के नौनिहालों पर कोरोना का खतरा मंडराया

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फतेहपुर कोविड-19 अस्पताल परिसर में स्थित बाल विकास परियोजना कार्यालय के सामने खुले में रखी सत्तु ? - फोटो : SAHARANPUR
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छुटमलपुर (सहारनपुर)। फतेहपुर कोविड -19 अस्पताल परिसर में स्थापित बाल विकास परियोजना के गोदाम से ब्लाक के 138 गांवों के नौनिहालों पर कोरोना संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है। इससे बेखबर अधिकारी सरकार द्वारा बच्चों और गर्भवती धात्री महिलाओं के लिए भेजे जाने वाले सत्तू और दलिया के पैकेट अस्पताल परिसर में खुले में उतार कर यहां से इन गांवों के केंद्रों तक सप्लाई कर रहे हैं।
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फतेहपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में 30 मार्च को जिले का पहला कोविड-19 लेवल वन अस्पताल खोला। इसके बाद संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए यहां सामान्य रोगियों के लिए चलने वाली ओपीडी तक बंद की। यहां रहने वाले स्टाफ को बाहर जाने तथा बाहरी लोगों को अंदर आने की सख्त मनाही है। इसके बावजूद कोविड अस्पताल से सटे स्वास्थ्य विभाग की इमारत में बने बाल विकास परियोजना कार्यालय मुजफ्फराबाद में स्टाफ का बेरोक टोक आना जाना लगा है। इतना ही नहीं यहां बने गोदाम में सरकार से बच्चों और महिलाओं के लिए आने वाले सत्तू और दलिया के बोरों को भी रखा जा रहा है। केवल रखा ही नहीं जा रहा, इन बोरों को ट्रक से खुले में उतार कर यहां से ब्लाक के 138 गांवों के 355 सेंटरों में भेजा जा रहा है।
हैरत की बात यह है कि जिस जगह सत्तू और दलिया के बोरे उतारे जाते हैं। उसके ठीक सामने चंद कदमों की दूरी पर बने कक्ष में कोविड -19 अस्पताल का बायो मेडिकल वेस्ट एकत्र होता है। इतना ही नहीं कोरोना संक्रमित रोगी भी गोदाम के सामने से ही कोविड-19 की इमारत में अंदर जाते हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा संक्रमण रोकने को जहां रोगियों के आने के दौरान एंबुलेंस के रास्ते और छुट्टी होने पर बाहर आने वाले रोगियों के बैग तक सैनिटाइज किए जाते हैं, वहीं खाने के लिए इस्तेमाल होने वाले सत्तू और दलिया की बोरियों को खुले में उतार कर उन्हें बिना सैनिटाइज किए केंद्रों तक भेजना बड़े स्तर पर कोरोना संक्रमण की वजह बन सकता है। तीन दिन पूर्व भी यहां खुले में ही बोरियों को उतार कर केंद्रों तक पहुंचाने का काम किया।
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उधर, सीडीपीओ मुजफ्फराबाद पुष्पा रानी ने बताया उन्होंने मौखिक तौर पर अधिकारियों को इससे अवगत कराया है। जगह मिलते ही गोदाम शिफ्ट कर दिया जाएगा।
तीस हजार नौनिहालों को बांटा जाता है सत्तु और दलिया
छुटमलपुर। बाल विकास विभाग की यह गंभीर लापरवाही नौनिहालों पर भारी पड़ सकती है। उल्लेखनीय है कि डब्लूएचओ ने दस वर्ष तक के बच्चों को कोरोना संक्रमण को लेकर संवेदनशील श्रेणी में रखा और विभाग से बंटने वाला सत्तू शून्य से छह वर्ष तक के बच्चों को ही बांटा जाता है। गोदाम से मुजफ्फराबाद ब्लाक के 138 गांवों के 29 हजार 317 बच्चों और सात हजार 791 गर्भवती और धात्री महिलाओं को सत्तू और दलिया बांटा जाता है।
इससे संक्रमण का खतरा है, हमने कार्यकत्रियों और निर्देशित किया है कि आहार सामग्री मिलने के बाद इसका तत्काल वितरण नहीं करना है। 24 से 48 घंटे तक अपने पास रख कर उसे सैनिटाइज करने के बाद ही बंटवाया जा रहा है। इसके लिए आंगनबाड़ी को प्रशिक्षित भी किया। इसके बाद भी वे गोदाम को शिफ्ट कराने के लिए अधिकारियों से बात कर रही हैं। जल्द ही इसे कोविड-19 अस्पताल परिसर से स्थानांतरित करा दिया जाएगा। - आशा त्रिपाठी, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग
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