नानौता। क्षेत्र के कुंआखेड़ा स्थित संगमस्थल पर पानी नहीं आने से स्नान के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को मायूस होकर लौटना पड़ा। इससे उनमें सिंचाई विभाग के अधिकारियों के प्रति आक्रोश व्याप्त है। वहीं कार्तिक पूर्णिमा के स्नान को लेकर श्रद्धालुओं के भारी संख्या में पहुंचे की उम्मीद के कारण मेले में दुकानें लगाने वालों दुकानदार भी मायूस हुए।
कुआंखेड़ा संगम स्थल पर सुबह से ही लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था। लेकिन पानी न होने के कारण वह केवल पूजा-अर्चना कर लौट गए। पंडित सोनू शर्मा ने बताया कि कार्तिक पूर्णिमा को ही देव दीपावली कहा जाता है। इस दिन गंगा स्नान और दीपदान का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि इस दिन उपवास रखकर गंगा स्नान करने से हजार अश्वमेध तथा सौ राजसूय यज्ञ के बराबर फल प्राप्त होता है।
उन्होंने बताया कि पानी न होने से श्रद्धालुओं को काफी मायूसी हुई है। स्नान के मौके पर भीड़ उमड़ने की उम्मीद के चलते खिलौनों की दुकान लगाने पहुंचे रामपाल प्रसाद, रतन सिंह गंदेवड़ा, महबूब थाना भवन और आकाश सालियर आदि ने बताया कि उन्हें यहां आकर झटका लगा है। उन्हें जरा भी उम्मीद नहीं थी कि संगम पर पानी नहीं होगा। उधर, कुआंखेड़ा संगम स्थल के पास ही नहर पर पुल भी बन रहा है। पानी न छोड़ने की एक वजह यह भी मानी जा रही है। इसके साथ ही पूर्वी यमुना नहर में सफाई का काम भी चल रहा है।