सहारनपुर। लोगों की समस्याओं का समाधान कराने के लिए जनसुनवाई पोर्टल बना। शिकायतें दर्ज कराई जा रही हैं, मगर गुणवत्तापरक और सभी लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। ऐसे भी लोग हैं, जो एक दो नहीं, बल्कि अनेकों बार अपनी शिकायत पोर्टल पर दर्ज करा चुके हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। ऐसे लोगों ने अमर उजाला के साथ अपनी पीड़ा साझा की तो यह स्थिति सामने आई। पेश है रिपोर्ट...
अमर उजाला को भेजी शिकायतें
-- तीन साल से टूटी सड़क बनवाना पड़ रहा भारी
- देवबंद ब्लाक क्षेत्र के गांव नूनाबड़ी निवासी हाफिज मोइनुद्दीन ने बताया कि तैमूर के मकान से मदरसे तक सड़क करीब तीन साल से खराब पड़ी है। इसका निर्माण कराने के लिए जनसुनवाई पोर्टल पर कई बार शिकायत दर्ज कराई, लेकिन समाधान नहीं हुआ।
-- जर्जर मकान में रहने को मजबूर है परिवार
- मुजफ्फराबाद ब्लाक क्षेत्र के गांव शेरपुर खानजादपुर निवासी भूषण कुमार ने बताया कि हमारा मकान जर्जर है और छत लकड़ी की कड़ी लगी हुई हैं। ब्लाक कार्यालय और तहसील कार्यालय में कई बार प्रार्थनापत्र दे चुके हैं। जनसुनवाई पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज करा चुके हैं। दस साल से मांग करते आ रहे हैं, मगर आवास योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
-- शिकायतकर्ता का ही हो गया उत्पीड़न
- रामपुर मनिहारान निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ब्रह्म सिंह ने बताया कि आवासीय क्षेत्र में भवन की छत पर टेलीकॉम कंपनी का टॉवर लगवाने से रोकने की मांग की थी। इसकी शिकायत तीन नवंबर को तहसील रामपुर में लगे संपूर्ण समाधान दिवस में की थी। आरोप है कि उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई, बल्कि पुलिस ने उनके बेटे के खिलाफ ही कार्रवाई करके उत्पीड़न किया गया। ब्रह्म सिंह का कहना है कि इस मामले में एसडीएम नकुड़ से जांच कराई जाए।