सहारनपुर में हाइवे पर हर तरफ जय शंकर की गूंज से वातावरण भक्तिमय बना है। शिवभक्त आकर्षक कांवड़ लेकर लौट रहे हैं और भोले के भजनों पर नाचते गाते चल रहे हैं। रंग-बिरंगी लाइटों से कांवड़ मार्ग जगमगा गया है।
श्रावण मास के पांचवें दिन शिवभक्तों की संख्या में इजाफा दिखाई दिया। बड़ी संख्या में हरिद्वार से कांवड़ लेकर हरियाणा, पंजाब और हिमाचल के शिवभक्त अपने गंतव्य की ओर बढ़े। देहरादून और अंबाला हाइवे पर जय शंकर की और हर-हर महादेव के जयकारों की गूंज से वातावरण भक्तिमय बना है। कांवड़ शिविरों लगे डीजे की धुनों पर शिवभक्त जमकर थिरक रहे हैं।
सुबह और शाम के समय कांवड़ मार्ग पर मेले जैसा माहौल बना है। घंटाघर चौक, देहरादून चौक, जनकपुरी चौक सहित शिविरों को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है। इसके साथ ही शिविरों में श्रद्धालु शिवभक्तों की सेवा कर रहे हैं। कांविड़यों के खाने-पीने, चिकित्सा और नहाने की आदि की व्यवस्था के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।
शिव पार्वती की मूर्ति बनी आकर्षण का केंद्र
सहारनपुर। हरिद्वार से कांवड़ लेकर लौट रहे चंडीगढ़ निवासी सुमित अस्थाना अपने साथ मां पार्वती और भगवान शंकर की दस फीट लंबी मूर्ति लेकर चल रहे हैं। बृहस्पतिवार को वह सहारनपुर पहुंचे थे। सुमित ने अपनी कांवड़ को बेहद ही सुंदर तरीके से सजाया हुआ था, जो लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रही।
कांवड़ चिकित्सा शिविर लगाया
सहारनपुर। श्री आस्था सामाजिक सेवा संस्थान के तत्वावधान में जेल चुंगी पर सात दिवसीय नि:शुल्क कांवड़ चिकित्सा शिविर लगाया गया, जिसका उद्घाटन समाजसेवी घनध्याम और अध्यक्ष डा. आरके यादव ने फीता काटकर किया। डा. आरके यादव ने कहा कि शिव भक्तों की सेवा करने से भगवान शंकर प्रसन्न होते हैं। अशोक कुमार, संजीव सिरोही, दीपक कुमार, श्रवण कमार, विक्रम सिंह, सुलेखा, लक्ष्मी देवी, निक्की प्रधान, गीतू, घनश्याम सिंह, बबलू तोमर, सुरेंद्र तोमर, सूरजभान यादव, अमर सिंह, सुरेंद्र मोहन बंटी मौजूद रहे। ब्यूरो